नई दिल्ली | मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता और पार्टी महासचिव सीताराम येचुरी ने मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कहा की उनकी नवउदारवादी नीतियों की वजह से देश में गरीबी बढ़ी है. इसलिए इन नीतियों को छोड़ना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने चेताते हुए कहा की देश में हिन्दू पाकिस्तान बनने देने से रोकना होगा. सीताराम , भारत छोड़ो आन्दोलन के 75 साल पूरा होने पर राज्यसभा में बोल रहे थे.

उन्होंने मोदी सरकार को इस आन्दोलन से सीख लेने की सलाह देते हुए कहा की देश में ‘नवउदारवादी सुधार छोड़ो’ और ‘संप्रदायिकता छोड़ो’ का आयोजन भी करना चाहिए. इन दोनों के देश छोडे बिना ,भारत छोड़ो आन्दोलन की बरसी मनाने का कोई फायदा नही है. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के लोकसभा में दिए गए भाषण पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा की मोदी जी ने कहा की जैसे 1942 से 1947 तक के पांच साल बड़े अहम् थे उसी तरह 2017 से 2022 तक के पांच साल भी बहुत अहम् है.

मोदी के इस बयान पर येचुरी ने कहा की प्रधानमंत्री जी ने इन पांच साल के लिए कुछ लक्ष्य निर्धारित किये है. लेकिन उन पांच साल में जनता ने देश का विभाजन देखा. संप्रदायिक धुर्विकरण की वजह से देश का बंटवारा हुआ. इसी धुर्विकरण को अंग्रेजो ने आगे बढाया. अगर उन दिनों को याद किया जा रहा है तो ऐसा ही अपशकुन सूचक बादल इस वक्त भी दिख रहा है. येचुरी के इस बयान पर केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आपत्ति जताई. जवाब में येचुरी ने कहा की खुद मोदी जी ने संप्रदायिकता को देश से बाहर निकालने की बात कही है.

येचुरी ने सवाल किया की मैं बस यह पूछना चाहता हूँ की इसको देश से निकालने के लिए हम क्या कर रहे है? मोदी सरकार की नवउदारवादी नीतियों पर हमला करते हुए उन्होंने कहा की इन नीतियों की वजह से देश में गरीबी बढ़ रही है, बेरोजगारी बढ़ रही है. इससे देश में दो भारत बन रहे है. एक बहुत अमीर तो एक बहुत गरीब. हमें ऐसी नीतियों को छोडना होगा. 2014 में देश की जीडीपी का 49 फीसदी एक फीसदी लोगो के पास था अब करीब 59 फीसदी है.

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