आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने देश के मुस्लिमों से समान आचार संहिता के खिलाफ और तीन तलाक जैसे मुद्दों के समर्थन में सरकार को अपनी ताकत दिखाने की अपील की हैं.

ओवैसी ने कहा कि जिस तरह से जल्लीकट्टु मामले में तमिलनाडु की जनता की मिसाल देते हुए कहा कि जनता ने अपनी संस्कृति को बचाने के लिए तमिलनाडु को बंद कर दिया. उसी तरह मुसलमानों को अपनी इज्जत और सम्मान बचाना है तो ऐसे ही शक्ति का प्रदर्शन करें.

ओवैसी ने कहा कि अब अपनों का साथ दें, मुसलमानों ने 65 साल दूसरों पर भरोसा किया, अब अपनों पर भरोसा करें. ओवैसी ने कहा की जो लोग हमें ये बता रहे हैं कि हम निकाह कैसे करें, तलाक कैसे दें, उनको मालूम होना चाहिए कि ये हमारी हजारों साल पुरानी संस्कृति है. जैसे तमिलनाडु के लोगों ने अपनी संस्कृति की हिफाजत की है, हम भी करेंगे.

इंडिया टुडे को दिए एक बयान में उन्होंने कहा, ‘तमिलनाडु के लोगों ने अपनी परंपरा को बचाने के लिए लाखों की संख्या में विरोध प्रदर्शन किया. इस व्यापक आंदोलन के सामने नरेंद्र मोदी को झुकना पड़ा था. हमारी (भारत के मुसलमानों की) भी अपनी अलग तहज़ीब है. चाहे तलाक हो या शादी, हम अपनी मर्जी से करेंगे.’

ओवैसी ने यह भी कहा कि शादी और तलाक से जुड़ी ‘हमारी परंपराओं में किसी को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए.’ वे इससे पहले भी कह चुके हैं कि जलीकट्टू पर पाबंदी के विरोध में तमिल लोगों का प्रदर्शन, कट्टर हिंदुत्ववादी ताकतों के लिए एक सबक है.

ट्विटर पर इससे जुड़े एक संदेश में उन्होंने लिखा था, ‘उन्होंने(तमिलनाडु के लोगों ने) दिखा दिया कि देश में समान नागरिक संहिता लागू नहीं की जा सकती है. हम लोग सिर्फ एक संस्कृति को मानने वाले नहीं हैं, हम सभी तहजीबों से जुड़े हुए हैं.’


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