मुंबई | मोदी सरकार बनने के बाद पुरे देश में गौरक्षको की गुंडागर्दी अपने चरम पर है. इसका एक उदहारण राजस्थान के अलवर में देखने को मिला. जहाँ तथाकथित गौरक्षको ने पहलु खान की पीट पीट कर हत्या कर दी. ऐसी घटनाओ के बाद गौहत्या पर कानून बनाने या नही बनाने को लेकर चर्चाये चल रही है. जहाँ कुछ लोग इस तरह के कानून के पक्ष में है तो कुछ विरोध में भी है.

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महाराष्ट्र के दिग्गज नेता और एनसीपी अध्यक्ष शरद पंवार का मानना है की देश में इस तरह के कानून की जरुरत नही है. उन्होंने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा की मैं गौहत्या पर कानून बनाने की मांग करने वाले लोगो से पूछना चाहता हूँ की वो वीर सावरकर की बात तो करते है लेकिन क्या वो उनके विचारो को मानते है? सावरकर गौ प्रेम की बात करते थे लेकिन उन्होंने कहा था की गाय का उपयोग नही होने पर उसको मारना गलत नही है. क्योकि इसके बाद यह गाय किसानो के लिए बोझ बन जाती है.

शरद पंवार ने आगे कहा की वीर सावरकर की तरह मुझे भी गौ प्रेम पर कोई आपत्ति नही है. लेकिन गाय की उपयोगिता नही होने के बाद उसका मांस खाने वाला दोषी नही हो सकता. इसलिए मैं गौहत्या पर प्रतिबंध लगाना सही नही है. दरअसल इस कार्यक्रम में सभी बीजेपी विरोधी दल इकठ्ठा हुए थे. मौका था , शरद पंवार की आत्मकथा ‘अपनी शर्तो पर’ का लोकार्पण करने का.

इस मौके पर कांग्रेस, जद (यु), माकपा, सपा आदि दल के नेता मौजूद रहे. किताब का लोकार्पण मशहूर पत्रकार कुलदीप नैय्यर ने किया. इस दौरान सभी दलों के नेताओं ने शरद पंवार की तारीफ करते हुए कहा की आज के माहौल में अभिव्यक्ति की आजादी के लिए लड़ाई लड़ने की जरुरत है. इसके लिए शरद पंवार जैसे नेता को आगे आ नेतृत्व संभालना चाहिए. जद (यु) नेता केसे त्यागी ने उनसे अलवर जाने की भी गुजारिश की.

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