जम्मू कश्मीर के गुरेज सेक्टर में मंगलवार को आंतकियों के साथ मुठभेड़ में भारतीय सेना के एक मेजर समेत चार जवान के शहीद होने पर शिवसेना ने मोदी सरकार को घेरते हुए कहा कि ‘हमारे जितने जवान पिछले चार साल में शहीद हुए हैं, उतने पिछले 50 साल में नहीं हुए।’

सेना के अफसर ने बताया कि बांदीपुरा जिले के गुरेज सेक्टर के गोविंद नाला में सेना के गश्ती दल और घुसपैठ कर रहे समूह के बीच मुठभेड़ हुई। जिसमे मेजर के पी राणे, हवलदार जैमी सिंह और विक्रमजीत तथा राइफलमैन मनदीप शहीद हो गए। मुठभेड़ में 4 आतंकियों को सेना ने ढेर कर दिया। बाकी बचे 4 आतंकी वापस पाकिस्तान की सीमा वापस भाग गए।

दूसरी और लोकसभा में दिए एक लिखित जवाब में केन्द्रीय राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने बताया कि इस दौरान आतंकी घुसपैठ की 133 घटनाएं हुईं, जिसमें से 69 आतंकी भारतीय सीमा में घुसने में सफल रहे। केन्द्रीय राज्यमंत्री ने बताया कि जून तक भारतीय सेना घुसपैठ की कोशिश में लगे 14 आतंकियों को ढेर कर चुकी है, वहीं 50 अऩ्य आतंकी घुसपैठ में नाकाम रहने पर वापस पाकिस्तान भाग चुके हैं। इस साल जून माह तक 69 आतंकी जम्मू कश्मीर में भारतीय सीमा में घुसपैठ कर चुके हैं।

केन्द्रीय राज्यमंत्री ने बताया कि जम्मू कश्मीर में इस साल जुलाई तक हिंसा की 308 घटनाएं हुई हैं, वहीं 90 मुठभेड़ की घटनाओं में 113 आतंकियों को ढेर किया गया है। इस साल जुलाई तक 49 सुरक्षाबल के जवान भी शहीद हुए हैं।

साल 2017 के आंकड़ों की बात करें तो घाटी में 191 हिंसा की घटनाएं हुईं। 69 मुठभेड़ में 112 आतंकी ढेर किए गए, वहीं सुरक्षाबलों के 39 जवान शहीद हुए। हंसराज अहीर ने कहा कि रमजान के माह के दौरान जम्मू कश्मीर में हिंसा की 73 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि उससे पहले के महीने में सिर्फ 34 घटनाएं हुईं थी।

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