लखनऊ | सोमवार को लखनऊ के कांग्रेस कार्यलय में एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला. यहाँ एक नेता को पार्टी में शामिल होने के कुछ मिनटों बाद ही पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया. नेता की बर्खास्ती का कारण उसके वो समर्थक बने जिनको वो पार्टी में शामिल होने के दौरान अपने साथ लेकर आये थे. सबसे चौकाने वाली बात यह है की इस नेता के पार्टी में शामिल होने की जानकारी कांग्रेस के किसी भी वरिष्ठ नेता को नही था.

मिली जानकारी के अनुसार शिवसेना के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष गौरव उपाध्याय सोमवार को कांग्रेस में शामिल होने के लिए अपने दल बल के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे. इस दौरान उनके समर्थक लगातार उनके पक्ष में नारे लगाते रहे. इसी बीच कांग्रेस के कुछ नेताओं की मौजूदगी में गौरव को पार्टी पार्टी में शामिल किया गया. लेकिन तभी गौरव के साथ आये समर्थक उनके और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे.

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अभी गौरव को कांग्रेस में शामिल हुए कुछ ही मिनट हुए थे की उनके समर्थको का यह रुख देखकर वहां मौजूद नेताओं का माथा ठनका. उन्होंने जब गौरव के समर्थको को शांत करने की कोशिश की तो पता चला की उनको पैसे देकर यहाँ लाया गया है. ये सब दिहाड़ी मजदुर थे जिनको 400-400 रूपए में यहाँ लाया गया था. लेकिन काफी देर होने के बाद भी उनको पैसा नही दिया गया.

इसलिए दिहाड़ी मजदूरे ने कांग्रेस और गौरव के खिलाफ नारेबाजी शरू कर दी. हालाँकि नारेबाजी के बाद कुछ लोगो को पैसे दिए गए लेकिन कुछ मजदूरो को खाली हाथ लौटना पड़ा. इस मामले की जानकारी मिलते ही कांग्रेस ने गौरव को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलम्बित कर दिया. चौंकाने वाली बात यह रही की गौरव के कांग्रेस में शामिल होने की जानकारी न तो प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर के पास थी और न ही प्रदेश प्रभारी गुलाब नबी आजाद के पास.

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