नई दिल्ली: लोकसभा में समर्थन के बाद शिवसेना ने बुधवार को नागरिकता संशोधन विधेयक पर राज्यसभा में वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया और वॉकआउट कर दिया। ऐसे में कांग्रेस हाइकमान शिवसेना के इस फैसले से नाराज है।

कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के नेता रत्नाकर महाजन ने बुधवार को नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर मतदान के दौरान राज्यसभा से वॉकआउट करने को लेकर शिवसेना की खिंचाई की।

महाजन ने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण… क्या संजय राउत का विधेयक पर भाषण इस मुद्दे पर शिवसेना के भ्रम का संकेत है या सभी विकल्पों को खुला रखने का विचार है? स्पष्टीकरण के नाम पर कार्यवाही का बहिष्कार करने का उनका कदम बचाव लायक नहीं है और यह मानना बेवकूफी होगी कि उसे नहीं समझ आया कि बहिष्कार करने से सत्तारूढ़ पार्टी को मदद मिलेगी।

हालांकि, राकांपा प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा, ‘उनके (शिवसेना) वॉकआउट का मतलब था कि वह विधेयक के मुद्दे पर भाजपा जैसे विचार नहीं रखते हैं।’ अन्य राकांपा नेता ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा कि अगर शिवसेना ने वोट किया भी होता तो उसके तीन मतों से विपक्ष को कोई फायदा नहीं होता।

हालांकि शिवसेना के राज्यसभा सदस्य अनिल देसाई ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी विवादित नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर उच्च सदन में हुए मतदान के दौरान अनुपस्थित रही क्योंकि सरकार ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। देसाई ने कहा कि शिवसेना ने विधेयक पर मतदान से पहले राज्यसभा से वॉकआउट किया।

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