शिवसेना की बुर्के पर प्रतिबंध लगाने की मांग, ओवैसी बोले – राइट टू च्वाइस संविधान में बुनियादी अधिकार

7:08 pm Published by:-Hindi News
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शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के जरिए मोदी सरकार से पूरे देश में बुर्का पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। मुखपत्र में कहा गया है कि जब श्रीलंका में बुर्का प्रतिबंधित है तो भारत में भी इस पर प्रतिबंध लगना चाहिए। इस विवादित मांग का भाजपा प्रत्याशी साधवी प्रज्ञा ने इसका खुलकर समर्थन किया है।

शिवसेवा की इस मांग पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि शिवसेना को पता होना चाहिए कि ‘च्वाइस’ अब हमारे संविधान में बुनियादी अधिकार है। आप जींस, बुर्का, नकाब पहने या घूंघट करें ये आपकी पसंद है।

ओवैसी ने कहा कि शिवसेना के पास अब कुछ छिपाने के लिए नहीं बचा, इसलिए ऐसी बातें कर रहे हैं। जबकि संविधान हमें इसका अधिकार देता है कि हम क्या पहने। दूसरे देशों में बुर्का बैन की बातों में AIMIM प्रमुख ने कहा कि उन्हें दूसरे मुल्कों से कोई मतलब नहीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं और मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है।

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वहीं एनडीए सरकार में मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के नेता रामदास अठावले ने कहा है कि हर बुर्काधारी महिला आतंकी नहीं। उन्होंने कहा ‘हर बुर्काधारी महिला आतंकी नहीं अगर कोई आतंकवादी है तो उसका बुर्का हटाया जा सकता है। सभी को बुर्का पहनने का अधिकार है और यह भारत की एक परंपरा है। इसलिए बुर्के पर प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए।

बता दें कि आतंकी हमले के बाद श्रीलंका की सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए बुर्का-नकाब समेत चेहरा ढकने वाली सभी चीजें प्रतिबंधित कर दी हैं। ईस्टर के दिन कोलंबो और अन्य शहरों मे सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद यह फैसला लिया गया। इन हमलों में 250 लोगों की मौत हुई थी।

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