शिवसेना ने अपनी पार्टी के मुखपत्र सामना में ‘तीन तलाक’ की प्रथा को खत्म किए जाने का समर्थन किया हैं. शिवसेना ने कहा कि यह परंपरा दिखाती है कि देश में मुस्लिम महिलाओं के लिए न्याय की लड़ाई कितनी मुश्किल है। साथ ही ‘सेकुलर’ लोगों को निशाने पर लेते हुवे पूछा कि हिंदू धर्म में मौजूद कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई गई। लेकिन इस मुद्दे पर खामोशी क्यों रही?

शिवसेना ने कहा कि भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन (बीएमएमए) की लड़ाई को समर्थन देते हुवे कहा कि इस आन्दोलन को पूरे भारत में समर्थन मिल रहा है। यह मुस्लिम महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण के तौर पर काम करेगा। बीएमएमए ने राष्ट्रीय महिला आयोग से तीन तलाक की व्यवस्था को खत्म करने के लिए समर्थन की मांग की है।

गोरतलब रहें कि “पिछले साल ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और दूसरे संबंधित संस्थाओं ने तीन तलाक की व्यवस्था में बदलाव के लिए मना कर दिया था।

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