Thursday, August 5, 2021

 

 

 

शीला दीक्षित ने कहा – आतंक के खिलाफ मोदी की तरह कठोर नहीं थे मनमोहन सिंह

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दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने अपने एक बयान के जरिए कांग्रेस को बड़ी मुसीबत में डाल दिया है। शीला दीक्षित ने कहा कि आतंक के खिलाफ पूर्व पीएम मनमोहन सिंहका रुख नरेंद्र मोदी जितना कड़ा नहीं था। हालांकि इसके साथ ही शीला दीक्षित ने यह भी कहा है कि नरेंद्र मोदी के ज्यादातर काम राजनीति से प्रेरित होने के साथ ही राजनीतिक लाभ उठाने के लिए होते हैं।

उन्होंने गुरुवार को इंटरव्यू में 26/11 के हमले के बाद यूपीए सरकार के स्टैंड को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि यह मानना पड़ेगा कि मनमोहन सिंह आतंकवाद से लड़ने में इतने मजबूत नहीं थे जितने कि अब के पीएम हैं। माना जाता है कि यूपीए सरकार का ये मानना था कि पाकिस्तान से लड़ने के लिए आर्मी का इस्तेमाल करना ठीक नहीं है। इससे आतंकवाद कम नहीं होगा।

इस बयान के सामने आने के बाद शीला दीक्षित ने कहा कि अगर मेरे बयान को किसी दूसरी तरह पेश किया जा रहा है तो मैं कुछ नहीं कह सकती।  दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शीला दीक्षित के इस बयान पर ट्वीट करते हुए लिखा कि शीला जी का ये बयान वाक़ई चौंकाने वाला है। भाजपा और कांग्रेस में कुछ तो खिचड़ी पक रही है।

वहीं आम आदमी पार्टी द्वारा दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने को चुनावी मुद्दा बनाए जाने के सवाल पर शीला दीक्षित ने कहा, ऐसा लगता है कि आत्मविश्वास की कमी के चलते वे दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग करके लोगों का ध्यान भटका रहे हैं। शीला दीक्षित ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना इतना आसान है क्योंकि इसके लिए संविधान में बदलाव करना होगा।

वहीं प्रियंका के सक्रिय राजनीति में आने का स्वागत करते हुए शीला दीक्षित ने कहा कि वह राजनीतिक तौर पर भी काफी परिपक्व हैं इसलिए यह कांग्रेस के लिए अच्छा है। उन्होंने कहा कि प्रियंका के राजनीति में आने से बीजेपी डरी हुई है। वहीं शीला दीक्षित ने राहुल गांधी और प्रियंका में कौन उन्हें ज्यादा पसंद है, इस सवाल का सीधा कोई जवाब देने से मना करते हुए कहा कि प्रियंका गांधी और राहुल दोनों मेरे लिए प्रिय हैं।

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