कांग्रेस नेता शशि थरूर ने मॉब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।  पुणे अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव में भाग लेने पहुंचे शशि थरूर ने कहा कि हमने 6 साल से क्या देखा है। शुरुआत हुई पुणे से जहां मोहसिन शेख की हत्या की गई उसके बाद मोहम्मद अखलाक को इसलिए मारा गया क्योंकि वह बीफ ले जा रहा था बद में पता चला कि उसके पास बीफ नहीं था।

शशि थरूर ने जोर देकर अगर बीफ होता तो भी किसने मारने का अधिकार नहीं दिया था। वहीं राजस्थान में पहलू खान की हत्या का भी शशि थरूर ने जिक्र किया कि उनके पास लाइसेंस था फिर भी भीड़ ने उनको मार डाला। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या एक चुनाव के नतीजों ने उनको शक्ति दे दी है कि ऐसे  लोग कुछ भी कर सकते हैं या किसी को भी मार सकते हैं।

शशि थरूर ने कहा कि क्या यही हमारा भारत है और क्या हिंदू धर्म यही कहता है। उन्होंने कहा कि मैं हिंदू हूं लेकिन इस तरह का नहीं।  लोगों को जय श्री राम कहने के लिए मारा जाता है, ऐसा करना हिंदू धर्म का अपमान है। यह भगवान राम का अपमान है कि लोग उनके नाम का इस्तेमाल करके मारे जा रहे हैं।

शशि थरूर ने कहा कि भारत अब एक ऐसा देश बन गया है जहां सहिष्णुता के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत में राजनीति का ध्रुवीकरण हुआ है और इसके लिए खासतौर पर सत्ताधारी दल के कृत्य और पसंद जिम्मेदार हैं।

गौरतलब है कि शशि थरूर मोदी सरकार के नीतियों के प्रखर आलोचकों में से एक हैं। हालांकि एक दिन पहले ही उन्होंने पीओके पर भारत सरकार की नीति का समर्थन किया साथ ही यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के तरीके से सहमत नही हैं।

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