Sunday, January 23, 2022

CAA विरोधी प्रदर्शनों में लगे ‘ला इलाहा इल्लल्लाह’ के नारे को शशि थरूर ने बताया अतिवाद

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नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जामिया मिल्लिया इसलामिया में प्रदर्शन के दौरान तेरा-मेरा रिश्ता क्या – ला इलाहा इल्लल लाह  का नारा सुना गया था। इस नारे को अब  कांग्रेस नेता शशि थरूर इस्लामी अतिवाद बताया।

बता दें कि जामिया प्रदर्शन से निकला  ”तेरा मेरा रिश्ता क्या ला इलाहा इल्लल लाह, बैरिकेड के पास कहिए- ला इलाहा इल्लल लाह’, लाठी चार्ज में कहिए- ला इलाहा इल्लल लाह, आंसू गैस में कहिए- ला इलाहा इल्लल लाह”। का ये नारा बड़े पैमाने पर प्रसिद्ध हुआ।

इस को लेकर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने ट्वीट किया, ”हिंदुत्व अतिवाद के ख़िलाफ़ हमारी लड़ाई में इस्लामी अतिवाद को भी कोई जगह नहीं मिलनी चाहिए. जो लोग नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में अपनी आवाज़ उठा रहे हैं, वो एक समावेशी भारत के लिए लड़ रहे हैं। हम किसी भी तरह की धार्मिक कट्टरता को अपनी विविधता और बहुलवाद की जगह नहीं आने देंगे।”

 थरूर के इस ट्वीट पर समाजसेवी संस्था India Resists ने लिखा, इस देश (भारत) में किसी भारी चीज को उठाने या उसमें ज्यादा ऊर्जा लगने वाले काम को करने से पहले लोग ”जय बजरंग बली” बोलते हैं लेकिन इसे तो कोई सांप्रदायिक नहीं कहता। आज मुस्लिमों को धक्के देकर निकालने की कोशिश की जा रही है, जब उनकी मांगें सेक्युलर हैं तो अपना आत्मविश्वास ऊंचा रखने के लिए मजहबी नारे लगाना गलत नहीं है। प्लीज आप हमें ना बताएं आप खुद ‘सॉफ्ट कट्टर’ हैं।

@IndianResist के ट्वीट के जवाब में शशि थरूर ने लिखा, “किसी को आहत करने का इरादा नहीं था। मैं बस ये स्पष्ट कर रहा हूं कि यह संघर्ष भारत के लिए है। इस्लाम या हिंदू धर्म के लिए नहीं। ये हमारे संवैधानिक मूल्यों के लिए हैं, हमारे बहुलतावाद को बचाने के लिए है। ये भारत की आत्मा बचाने के लिए है। ये किसी एक धर्म बनाम दूसरे धर्म के बारे में नहीं है।”

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