राकांपा प्रमुख और वरिष्ठ नेता शरद पवार ने कथित गौरक्षा के मचे बवाल के बीच राष्ट्रीय स्वंय सेवक (आरएसएस) पर निशाना साधा हैं. उन्होंने बताया कि ‘वीर सावरकर ने कहा था कि गाय किसानों पर बोझ नहीं होनी चाहिए, ऐसे में अगर किसी ने अगर गाय की हत्या करके उसका गौमांस खाया है तो मैं दोषी नहीं मानूंगा.’

पवार ने अपनी आत्मकथा ‘अपनी शर्तों पर’ के विमोचन के अवसर पर कहा कि पूरे देश में गोहत्या पर प्रतिबंध लगाना सही ठीक नहीं है. वीर सेनानी सावरकर ने कहा था कि गाय बहुत उपयोगी पशु है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए. लेकिन, अगर उसकी उपयोगिता खत्म हो जाए तो यह किसानों पर बोझ नहीं बने. अगर किसी ने गाय का मांस खाया है तो उसे दोषी नहीं कहा जा सकता है.

दरअसल, हाल ही में अलवर में हुई कथित गौरक्षा के नाम पर पहलू खान की हत्या के बाद राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के मुखिया मोहन भागवत ने पुरे देश में गौहत्या पर कानून बनाने की वकालत की थी. भागवत ने कहा था, ‘गऊ हत्या बंदी सरकार के अधीन है. हमारी इच्छा है कि संपूर्ण भारत में गौवंश की हत्या बंद हो. इस कानून को प्रभावी बनाना सरकार की जिम्मेदारी है.’

उन्होंने कहा था, ‘मुझे विश्वास है कि जहां संघ कार्यकर्ता सत्ता में हैं, वो स्थानीय जटिलताओं से निपट कर इस दिशा में काम करेंगे.’ इससे उनका आशय बीजेपी शासित राज्यों से था.

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