राजीव मानते थे आरएसएस को देश के लिए ख’तरा, कहते थे सांप्रदायिक तनाव….

11:07 am Published by:-Hindi News

जयपुर: राजस्‍थान सरकार के स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने संघ पर विवादित बयान दिया है। मंत्री शांति धारीवाल राजीव गांधी की जयंती के कार्यक्रम में मंच से संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होने कहा कि संघ राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान दोनों के विरोधी है।

उन्होंने कहा कि ‘1929 में जब महात्मा गांधी ने पूरे देशवासियों से 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस मनाने का आह्वान किया और लोगों से अपने-अपने घरों पर तथा जहां जहां भी लोग जाते हों वहां तिरंगा झंडा लहराने की अपील की तब भी उस दिन संघ की शाखाओं में भगवा ध्वज की वंदना हो रही थी।’

साथ ही उन्होंन कहा कि ‘राष्ट्रीय ध्वज की जगह ये लोग केसरिया झंडा ही फहराना चाहते हैं। गोलवलकर (माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक तथा विचारक) ने राष्ट्रीय ध्वज का जबरदस्त अपमान किया था। संघ ने शुरू से कहा है और उसका आज से नहीं 1925 से यही कहना है कि राष्ट्रगान जन गण मन देशभक्ति की वो भावनाएं नहीं जगाता जो राष्ट्रगीत करता है। ये लोग राष्ट्रगान के भी खिलाफ थे।’

इसके अलावा उन्होंने कहा कि राजीव गांधी महान मानवतावादी व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि ‘राजीव गांधी सबसे ज्यादा परेशान राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की विचाराधारा से थे। उनकी यह पक्की सोच थी कि यह देश अगर सबसे ज्यादा नुकसान उठायेगा, इस देश में सांप्रदायिक तनाव से सबसे अधिक नुकसान होगा तो वह आरएसएस की नीतियों की वजह से होगा।’

Loading...