बिहार चुनाव से पहले शकील अहमद की कांग्रेस में वापसी, निलंबन किया गया रद्द

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने बिहार के कद्दावर मुस्लिम नेता और  पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद का निलंबन रद्द कर दिया है। माना जा रहा है कि ये फैसला विधान सभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया गया है।

बता दें कि पिछले साल लोकसभा चुनाव में शकील अहमद ने बिहार में महागठबंधन के उम्मीदवार खिलाफ मधुबनी सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार को तौर पर चुनाव लड़ा था।  जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था।  बिहार में शकील अहमद बड़े चेहरे माने जाते हैं। शकील अहमद मधुबनी सीट से वे दो बार सांसद रह चुके हैं। मनमोहन सिंह की सरकार में वे राज्य मंत्री भी थे। साल 1985, 1990 और 2000 में वे विधायक भी रह चुके हैं।

निलंबित किए जाने के कुछ समय बाद पिछले साल सितंबर महीने में शकील अहमद ने सोनिया गांधी से मुलाकात की थी, इसके बाद से ही उनकी वापसी की अटकलें तेज हो गई थीं।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव मोतीलाल वोरा ने बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्तिसिंह गोहिल को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि बीते 22 सितंबर के आपके पत्र के संदर्भ में यह बताते हुए खुशी हो रही है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने डॉ. शकील अहमद के निलंबन को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की अनुति दी है। साथ ही उन्होंने कहा कि अब बिहार कांग्रेस अपनी तरफ से आगे की कार्रवाई कर सकता है।

विज्ञापन