कोलकाता । कभी मोदी और भाजपा विरोध का झंडा उठाकर चलने वाले, टीपू सुल्तान मस्जिद के पूर्व शाही इमाम सैयद नूर उर रहमान बरकती , एक चौकाने वाला फ़ैसला ले सकते है। सूत्रों के अनुसार बरकती बहुत जल्द भाजपा का दामन थाम सकते है। बंगाल में अपना जनधार बढ़ाने में लगी भाजपा के लिए यह बेहद राहत भरा हो सकता है। मालूम हो कि बरकती, बंगाल में अल्पसंख्यको पर अच्छी पकड़ रखते है।

दरअसल तृणमूल कांग्रेस के पूर्व नेता मुकुल राय के भाजपा में जाने के बाद इस तरह की अटकलें लगायी जा रही है। बरकती, मुकुल राय के काफ़ी क़रीबी माने जाते है। इसलिए मुकुल ने भाजपा को सुझाव दिया है की बरकती को पार्टी में शामिल करने से प्रदेश के अल्पसंख्यक पर भाजपा की पकड़ बन सकती है। इसके अलावा बरकती के भाजपा नेता शाहनवाज़ हुसैन और मुख़्तार अब्बास नकवी से भी व्यक्तिगत सम्बंध है।

उधर मीडिया में चल रही अटकलों के बीच बरकती ने कहा की मैं भाजपा में शामिल हो रहा हूँ की नही यह समय आने पर सबको पता चल जाएगा। मुकुल राय मेरे बड़े भाई है, वो मेरे गुरु है, अगर वो मुझसे कोई अनुरोध करेंगे तो मैं उसे नकार नही सकता। इसके अलावा मेरे भाजपा के कई नेताओ से भी व्यक्तिगत सम्बंध है। कांग्रेस के ख़िलाफ़ ज़हर उगलते हुए उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस से नफ़रत करता हूँ, उन्होंने देश के अल्पसंख्यको को बर्बाद कर दिया है।

मालूम हो कि बरकती पहले वामपंथियो के काफ़ी क़रीब रह चुके है। सत्ता बदलने के बाद उनकी नज़दीकी तृणमूल कांग्रेस के साथ बढ़ी और आज वह तृणमूल के सबसे बड़े अल्पसंख्यक चहरो में से एक है। ममता बनर्जी की हर रैली में वह पहली क़तार में बैठने वाले नेता है। इसलिए अगर वह भाजपा में शामिल होते है तो यह तृणमूल के लिए सबसे बड़ा झटका होगा। उधर पूरे मामले पर मुकुल राय की तरफ़ से कोई भी प्रतिक्रिया नही आयी है।

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