Monday, October 25, 2021

 

 

 

राम मंदिर पर बोले सपा सांसद शफीकुर्रहमान – मोदी सरकार ने ताकत के बल करा लिया फैसला

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संभल. उत्तर प्रदेश के संभल से समाजवादी पाार्टी (Samajwadi Party) के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने अयोध्या विवाद के फैसले को ताकत के बल पर कारया गया फैसला करार दिया। सपा सांसद ने कहा कि मोदी सरकार ने ताकत के बलबूते संग-ए-बुनियाद (नींव) रख ली और कोर्ट से भी अपने पक्ष में फैसला करा लिया।

बर्क ने कहा कि मुसलमान मोदी-योगी के नहीं, अल्लाह के भरोसे हैं। संग-ए-बुनियाद से मुसलमान को खौफ  खाने की जरूरत नहीं है। संग-ए-बुनियाद रखना, जम्हूरियत का कत्ल करना है। इस जम्हूरी मुल्क में यह जो अमल हो रहा है, उन्होंने शायद इस पर कभी गौर नहीं किया कि हम जो कुछ भी यहां कर रहे हैं, वह किस बुनियाद पर कर रहे हैं। खैर, ठीक है। उनकी सरकार है, उन्होंने ताकत के बलबूते पर संग-ए-बुनियाद रख दी। अदालत से भी अपने पक्ष में फैसला करा लिया।

संभल से सांसद बर्क ने आगे कहा कि यह कानूनी इनसाफ  नहीं है, बल्कि हमारे साथ बहुत बड़ी नाइनसाफी हुई है, लेकिन हमने सब्र से काम लिया है। आज भी हम अल्लाह के भरोसे पर यह उम्मीद करते हैं कि इंशाअल्लाह यह जगह हमेशा मस्जिद थी, मस्जिद है और मस्जिद ही रहेगी। इसको कोई मिटा नहीं सकता है।

इससे पहले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना वली रहमानी ने भी बयान जारी कर कहा था कि बाबरी मस्जिद कल भी थी, आज भी है और कल भी रहेगी। मस्जिद में मूर्तियां रख देने से या फिर पूजा-पाठ शुरू कर देने या एक लंबे अर्से तक नमाज पर प्रतिबंध लगा देने से मस्जिद की हैसियत खत्म नहीं हो जाती। उन्होंने कहा कि हमारा हमेशा यह मानना रहा है कि बाबरी मस्जिद किसी भी मंदिरको तोड़कर नहीं बनाई गई।

वहीं हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट में लिखा था, ‘बाबरी मस्जिद थी, है और रहेगी इंशाअल्लाह।’ एआईएमआईएम नेता ने हैशटैग बाबरी जिंदा है के साथ इस ट्वीट को शेयर किया। बताते चलें कि ओवैसी ने पीएम मोदी के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने पर सवाल उठाते हुए कहा था कि यह संविधान सम्मत नहीं होगा।

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