उत्तर प्रदेश में चुनावी मौसम के बीच नेताओं के एक-दुसरे पर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं. इसी के साथ बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बुलंदशहर के गुलावठी में एक सभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने जमकर अखिलेश सरकार पर निशाना साधा.

सिद्दीकी ने सपा पर मुस्लिम हित का दिखावा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी मुसलिमों के हितों का दिखावा करती है. इसके लिए उन्होंने सी ओ जिया उल हक़ और दादरी में अख़लाक़ की हत्या का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि कुंडा में पुलिस सी ओ जिया उल हक़ की हत्या का मुदा उठाया तो दादरी के अखलाख की हत्या की  भी नुक्कड़ सभा में चर्चा की.

उन्होंने दावा किया की बसपा शासन काल में कानून व्यवस्था चाक चौबंद रहती है. इसके लिए उन्होंने  30 सितंबर 2010  अयोध्या मसले पर हाईकोर्ट का आदेश के आने का हवाला देते हुए कहा कि मुल्क के 11 सूबे बंद हो गए थे. लेकिन यूपी बन्द नहीं हुआ क्योंकि सूबे की वजीरे आला मायावती प्रदेश के मुख्य अधिकारियो के साथ बैठक की और उनको शासन से बीस करोड़ रूपया देकर लाठी मंगवाई.

सिद्दीकी ने आगे कहा, बसपा प्रमुख ने निर्देश दिए थे कि दंगाइयों को मारो नहीं लेकिन कमर के नीचे लाठी से उसे इतना पीटो की उसे जिंदगी भर मायावती के शासन की याद रहे. इसी के साथ उन्होंने दावा किया की इसबार सूबे में मायावती की अगुआई में बीएसपी की ही सरकार बनेगी.


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