sdpi

अयोध्या में बाबरी मस्जिद के स्थान पर राम मंदिर निर्माण के लिए वीएचपी और शिवसेना की और से की गई धर्मसभा को लेकर सोशल डेमोक्रैटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एसडीपीआई के नेताओं ने कहा है कि जिस तरह ताक़त के दम पर अयोध्या में बाबरी मस्ज़िद गिराई गई, उसी तरह ताक़त के दम पर बनाई भी जा सकती है।

एसडीपीआई के नेता तस्लीम रहमानी ने कहा कि नेताओं की बयानवाजी और साधु संतों की भीड़ देखकर ये नहीं समझना चाहिए कि बाबरी मस्जिद का दावा खत्म हो गया है। अगर वीएचपी अयोध्या में पांच लाख लोगों की भीड़ जुटा सकती है तो एसडीपीआई भी अयोध्या में 25 लाख लोगों की भीड़ जुटा सकती है।

रहमानी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पीएम राजधर्म का पालन नहीं कर रहे हैं. वो आरएसएस के प्रचारक की तरह बयान दे रहे हैं।अलवर में अदालत पर उठाया गया उनका सवाल इसी बात की तरफ इशारा करता है। तस्लीम रहमानी यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि ये बाबरी मस्जिद पर हमारा दावा हमेशा रहेगा, क्योंकि पूर्व पीएम नरसिम्हा राव ने बाबरी मस्जिद को बनाने का वादा किया था। तस्लीम रहमानी ने कहा कि वो 25 लाख लोग अयोध्या में इकट्ठा कर सकते है, लेकिन कानून इसकी इजाजत नहीं देता।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसडीपीआई के जनरल सेक्रेटरी अब्दुल मजीद ने कहा कि वो न सिर्फ बाबरी मस्जिद बनाने की कोशिशों को बढ़ाएंगे, बल्कि उन्होंने मांग रखी कि अयोध्या में रखी गई मूर्तियों को तब तक हटाया जाए, जब-तक ये मामला अदालत में चल रहा है। 6 दिसम्बर को एसडीपीआई देश की राजधानी दिल्ली में बड़ी रैली करने जा रही है. जो मंडी हाउस से संसद तक जाएगी।

एसडीपीआई का ये बयान ऐसी स्थिति में आया जब अयोध्या में राममंदिर निर्माण को लेकर की गई विश्व हिन्दू परिषद की धर्मसभा में मुस्लिम समुदाय और वक्फ बोर्ड को धमकाते हुए कहा गया कि वे लोग स्वेच्छा से मंदिर बनने का रास्ता साफ कर दें। अगर अध्यादेश की नौबत आयी तो फिर अयोध्या ही नहीं, काशी और मथुरा भी लेंगे।

विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चम्पत राय ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए राम जन्मभूमि की पूरी जमीन चाहिए इसमे एक इंच भी भूमि मस्जिद के लिए नहीं देंगे। चंपत राय ने ज़ोर देकर कहा कि उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपना केस वापस लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम का मंदिर ही बनेगा लेकिन बाबर के नाम की मस्जिद कहीं नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि आगामी समय में कुछ लोग हिन्दू समाज को गुमराह करने की कोशिश भी करेंगे और खरीद फरोख्त भी करेंगे।

Loading...