महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हम अखंड भारत में विश्वास रखते हैं, हमें भरोसा है कि एक दिन कराची भी भारत का ही हिस्सा होगा। फडणवीस के बयान पर पलटवार करते हुए शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि पहले पाकिस्तान के कब्जे वाले POK को तो लेकर आए।

समाचार एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए संजय राउत ने कहा, ‘पहले उस कश्मीर को लेकर आइए जिस पर पाकिस्तान ने कब्जा जमा रखा है। हमलोग बाद में कराची जाएंगे।’ इससे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता नवाब मलिक ने कहा कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के उस कदम का स्वागत करेगी।

नवाब मलिक ने कहा कि अगर बर्लिन की दीवार को गिराया जा सकता है तो भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश एक साथ क्यों नहीं आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी इन तीन देशों का विलय कर एक ही देश बनाना चाहती है तो हम निश्चत रूप से इसका स्वागत करेंगे।

उलेखनीय है कि महाराष्ट्र में एक शिवसेना नेता ने हाल ही में मुंबई में मौजूद कराची स्वीट्स को लेकर कहा था कि कराची स्वीट्स को अपने नाम में से ‘कराची’ को हटा देना चाहिए, क्योंकि वो पाकिस्तान का एक शहर है। जिसके बाद देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया। जिसके बाद ये विवाद शुरू हुआ।

हालांकि उस समय राउत ने कहा था कि ‘कराची स्वीट्स’ का नाम बदलने की मांग शिवसेना का आधिकारिक रूख नहीं है। अब राउत ने सोमवार को कहा कि शिवसेना कराची को भारत का हिस्सा बनाने का स्वागत करेगी लेकिन साथ ही जोड़ा कि पहले भारत को पीओके लेना चाहिए।

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