नई दिल्ली । फ़िलहाल पूरे देश में दो मुद्दे सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियो में बने हुए है। एक है गुजरात चुनाव और दूसरा है राम मंदिर। मंगलवार को सप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद को लेकर सुनवाई हुई। इसमें सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के वक़ील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कोर्ट से आग्रह किया की वह इस मामले की सुनवाई 2019 तक टाल दे। भाजपा ने कपिल सिब्बल की इस माँग का मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस पर ज़ोरदार हमला बोला।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राहुल गांधी से राम मंदिर मसले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की माँग की। फ़िलहाल पूरी भाजपा कपिल सिब्बल के बयान को भुनाने की कोशिश में लगी हुई है। इसलिए उनकी तरफ़ से लगातार बयान आ रहे है। भाजपा सांसद साक्षी महाराज और भाजपा प्रवक्ता जेवीएल नरसिम्हा राव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बेहद ही विवादित बयान दिया। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया की वो राम मंदिर के पक्ष में है या विरोध में।

साक्षी महाराज ने शब्दों की सीमा लाँघते हुए राहुल गांधी को ‘ख़िलजी की औलाद’ क़रार दिया। उन्होंने कहा कि जहां तक मंदिर का प्रश्न है, वहां पर ताला खुला कांग्रेस शासन में, मूर्तियां रखी गई कांग्रेस शासन में और इसी राहुल के पिता राजीव गांधी ने शिलान्यास करवाया था। बेटे का काम होता है जो बाप ने काम अधूरा छोड़ा उसको पूरा करें। यह राजीव गांधी की औलाद नहीं, लगता है खिलजी की औलाद है। राजीव गांधी मर गए, लेकिन अगर वह जिंदा होते तो उसके लिए पहल करते। राहुल को अपने पिता के पदचिन्हों पर चलना चाहिए।

उधर जेवीएल नरसिम्हा राव ने इसी मामले पर ट्वीट करते हुए लिखा,’ अयोध्या में राम मंदिर का विरोध करने के लिए राहुल गांधी ने ओवैसिस, जिलानिस से हाथ मिला लिया है। राहुल गांधी निश्चित रूप से एक “बाबर भक्त” और “खिलजी के रिश्तेदार” हैं। बाबर ने राम मंदिर को नष्ट कर दिया और खिलजी ने सोमनाथ को लूट लिया।नेहरू वंश दोनों इस्लामी आक्रमणकारियों के पक्ष मे!’

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