नागपुर । हाल फ़िलहाल में हुए कई विधानसभा चुनावो में भाजपा ने ज़बरदस्त जीत दर्ज की है। हालाँकि भाजपा का गढ़ माने जाने वाले गुजरात में भाजपा को उम्मीदें के अनुसार परिणाम प्राप्त नही हुए। उम्मीदों के विपरीत भाजपा को पीछले 22 सालों में सबसे कम सीटें प्राप्त हुई। यही नही क़रीब 28 सीटों पर तो हार जीत का अंतर 200 से 2 हज़ार वोटों के क़रीब रहा। जो दर्शाता है की कांग्रेस ने कितनी ज़ोरदार तरीक़े से भाजपा को टक्कर दी।

फ़िलहाल इस साल कई राज्यों के विधानसभा चुनाव होने है। इसके अलावा अगले साल लोकसभा चुनाव है। इन चुनावों को देखते हुए भाजपा अपनी रणनीति बनाने में जुट गयी है। लेकिन आरएसएस की और से भाजपा को जो फ़ीडबैक मिला है वह काफ़ी परेशान करने वाला है। आरएसएस ने मोदी सरकार को चेताते हुए आगाह किया है की आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा की राह आसान नही होने जा रही है।

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उन्होंने बेरोज़गारी और किसानो की समस्या का हवाला देते हुए कहा की अगर जल्द ही कुछ उपाय नही किए गए तो ये दोनो समस्याए भाजपा के लिए ख़तरे की घंटी है। आरएसएस से जुड़े राष्ट्रीय मज़दूर संघ के एक नेता ने बताया की हमने गुजरात चुनाव के समय भी भाजपा को आगाह किया था। लेकिन पार्टी ने उनकी बात अनसनी कर दी और परिणाम सबके सामने है।

वही आरएसएस की आर्थिक शाखा स्वदेशी जागरण मंच ने भी इस बात की पुष्टि की है। इसी शाखा के एक नेता के अनुसार 28 दिसम्बर को भाजपा की बैठक में आरएसएस ने अपना फ़ीड्बैक साझा किया। इस बैठक में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद थे। इस रिपोर्ट में कहा गया कि युवा रोज़गार नही मिलने की वजह से दुखी है और धीरे धीरे उसका सरकार की तरफ से मोह भंग हो रहा है। कुछ ऐसे ही हालात किसान के भी है।