आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यक्रम का न्योता अस्वीकार कर दिया है। ओवैसी का कहना है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) हिंदू राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करता है और वह संघ के किसी कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार नहीं करेंगे।

बता दें कि अगले सप्ताह संघ प्रमुख मोहन भागवत का दिल्ली में तीन दिवसीय व्याख्यान होना है, जिसको लेकर जोरशोर से तैयारियां चल रही हैं। जिसको लेकर आरएसएस ने संकेत दिया है कि वह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी और विभिन्न विचारधारा वाले राजनीतिक संगठनों के नेताओं के अलावा धर्मगुरूओं, मीडियाकर्मियों और 60 से ज्यादा देशों के राजदूतों को आमंत्रित करेगा।

ओवैसी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह से उन्होंने नागपुर में संघ के कार्यक्रम में शामिल होकर गलती की थी, वह ऐसी गलती कभी नहीं करेंगे। हालांकि हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावनाओं पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होने कहा, मैं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल के बारे में कुछ नहीं कह सकता, लेकिन मैं संघ के किसी निमंत्रण को स्वीकार नहीं करूंगा।’

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उन्होंने तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र पर हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को आम आदमी की पहुंच से दूर कर पर्याप्त अंधेरा सुनिश्चित कर दिया है। गाय के नाम पर दलितों और मुसलमानों की भीड़ हत्या कर रही है। हर तरफ अंधेरा है। उजाला तभी आएगा जब बीजेपी को सत्ता से बेदखल किया जाएगा।

भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ लुक आउट नोटिस को कमजोर किए जाने संबंधी बीजेपी नेता सुब्रहमण्यम स्वामी की टिप्पणी पर ओवैसी ने कहा, ”अगर वह सचमुच में सच्चे देशभक्त हैं तो अदालत का रूख कर उन्हें इसे तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने से कौन रोक रहा है।”