जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान आरएसएस प्रवक्ता और प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य द्वारा देश में आरक्षण व्यवस्था को खत्म करने की बात को लेकर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव आगबबूला हो गए.
उन्होंने लालू ने ट्वीट करते हुए लिखा, आरक्षण संविधान प्रदत्त अधिकार है। RSS जैसे जातिवादी संगठन की खैरात नहीं। इसे छिनने की बात करने वालों को औकात में लाना कमेरे वर्गों को आता है।
आरक्षण संविधान प्रदत्त अधिकार है।RSS जैसे जातिवादी संगठन की खैरात नहीं।इसे छिनने की बात करने वालों को औकात में लाना कमेरे वर्गों को आता है
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) January 20, 2017
लालू ने आरएसएस से सवाल किया कि उसने अपने यहां पर 100 फीसदी आरक्षण क्यों दे रखा है। अभी तक वहां पर कोई भी गैर सवर्ण, दलित या महिला क्यों संघ प्रमुख नहीं बन सका है। उन्होंने कहा, ‘RSS पहले अपने घर में लागू 100फीसदी आरक्षण की समीक्षा करें।कोई गैर-स्वर्ण पिछड़ा/दलित व महिला आजतक संघ प्रमुख क्यों नही बने है? बात करते है’
RSS पहले अपने घर में लागू 100फीसदी आरक्षण की समीक्षा करें।कोई गैर-स्वर्ण पिछड़ा/दलित व महिला आजतक संघ प्रमुख क्यों नही बने है? बात करते है
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) January 20, 2017
लालू ने बिहार की हार की याद दिलाते हुए कहा कि आरएसएस के आरक्षण विरोधी बयान के कारण भाजपा को बिहार में करारी हार मिली थी। अब यूपी में भी उसका यही हाल होगा।
मोदी जी आपके RSS प्रवक्ता आरक्षण पर फिर अंट-शंट बके है। बिहार में रगड़-रगड़ के धोया,शायद कुछ धुलाई बाकी रह गई थी जो अब यूपी जमकर करेगा।
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) January 20, 2017
बता दें कि, आरक्षण के मुद्दे पर बयान देते हुए वैद्य ने कहा, आरक्षण बहुत दिनों तक देना सही नहीं है. ये अलगाववाद को बढ़ावा देने की बात है. तो सबको समान अवसर एक समय के बाद मिलना चाहिए, ये हमारा सोचना है.