राफेल विमान सौदे को लेकर घेर रही काँग्रेस ने एक बाद फिर से मोदी सरकार को निशाना बनाया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दावा किया कि 36 राफेल विमानों के रखरखाव के लिए अगले 50 सालों में देश के करदाताओं को निजी भारतीय समूह के ज्वाइंट वेंचर को एक लाख करोड़ रुपये देने होंगे।

गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए ट्वीट किया, ‘‘अगले 50 वर्षों में भारतीय करदाताओं को श्रीमान 56 के मित्र के संयुक्त उपक्रम को 36 राफेल विमानों के रखरखाव के लिए 1,00,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा।’’

उन्होंने निजी कंपनी से संबंधित कुछ दस्तावेज शेयर करते हुए कहा, ‘‘रक्षा मंत्री (निर्मला सीतारमण) हमेशा की तरह संवाददाता सम्मेलन को संबांधित करेंगी और इससे इनकार करेंगी। परंतु मैं जो दस्तावेज प्रस्तुत कर रहा हूं उसमें तथ्य मौजूद है।’’

इससे पहले राहुल ने कहा था कि ‘अति गोपनीय ( वितरण के लिए नहीं)। आरएम (रक्षा मंत्री) कहती हैं कि प्रत्येक राफेल विमान के लिए प्रधानमंत्री और उनके ‘भरोसेमंद’ मित्र के बीच हुई बातचीत एक राजकीय गोपनीयता है।’ राहुल ने कहा, ‘एक्शन प्वाइंट. मूल्य के बारे में संसद को सूचित करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा होगा। जो भी पूछे, उसे राष्ट्र विरोधी घोषित कर दो।’ कांग्रेस अध्यक्ष ने इस ट्वीट पर हैशटैग दिया ‘बड़ा राफेल रहस्य।’

उधर, कांग्रेस प्रवक्ता शक्ति सिंह गोहिल ने संवाददाताओं से कहा, इसमें बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है और जिस कंपनी को काली सूची में डालना चाहिए उसे इतना बड़ा कांट्रैक्ट दिया गया है।