Paswan's greeting card Phoonchane three postal workers suspended

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जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य के आरक्षण को खत्म करने का बयान देकर संघ परिवार और बीजेपी के लिए आगामी विधानसभा चुनावों में मुश्किलें कर दी. हालांकि इस बार बीजेपी ने वक्त की नजाकत को समझते हुए केंद्रीय मंत्री और दलित राजनीति के बड़े चेहरों में से एक लोक जनशक्ति पार्टी प्रमुख रामविलास पासवान को आगे कर दिया.

पासवान ने कहा कि आरक्षण बाबा साहेब आम्बेडकर और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बीच हुए ‘पूना पैक्ट’ समझौते के तहत लागू किया गया था. उन्होंने मनमोहन वैद्य के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि यह कोई खैरात नहीं है. यह अधिकार हैं.

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इसी के साथ संघ परिवार ने भी वैद्य को अपना बयान वापस लेने के लिए मजबूर कर दिया. वैद्य ने खुद ही सफाई देते हुए कहा है कि जब तक जातिगत भेदभाव व गैर बराबरी है, तब तक आरक्षण रहना जरूरी है. उन्होंने साफ किया है कि उनका बयान अल्पसंख्यक आरक्षण को लेकर था जिसे गलत ढंग से पेश किया गया.

गौरतलब रहें कि जयपुर साहित्योत्सव में भाग लेने गए वैद्य ने आरक्षण के मुद्दे पर कहा था कि आरक्षण से अलगाववाद बढ़ता है और एक समय के बाद उसे समाप्त कर देना चाहिए.

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