Saturday, July 2, 2022

मजहब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना, हिंदी हैं हम वतन है, हिंदोस्तां हमारा: केजरीवाल

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बुधवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देशवासियों को मुयबरकबाद पेश करते हुए कहा कि कोई मजहब आपस में बैर रखना नहीं सिखाता है।

उन्होने उर्दू भाषा के कवि मोहम्मद इकबाल के दोहे ‘सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा’ की पंक्तियां साझा करते हुए कामना की कि देश को हर क्षेत्र में विकास करना चाहिए और हर क्षेत्र में शांति स्थापित होनी चाहिए। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, मजहब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना, हिंदी हैं हम वतन है, हिंदोस्तां हमारा। भगवान करे हमारा मुल्क खूब प्रगति करे, चारों तरफ अमन चैन हो।

इसके अलावा केजरीवाल ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का एक विडियो को भी रिट्वीट किया। जिसमे ध्वजारोहण करते हुए तिरंगा गिर गया। उन्होने लिखा कि ‘प्रकृति का खेल भी अजब है। कोई कितना भी शक्तिशाली क्यों ना हो जाए, प्रकृति के सामने सब छोटे हैं। बताइए, तिरंगे ने अमित शाह के हाथों लहराने से मना कर दिया। इस तिरंगे के ज़रिए भारत माता कुछ कह रही है – कि वो दुःखी है।’

छत्रसाल स्टेडियम में झंडा फहराने के बाद केजरीवाल ने ये भी कहा कि ‘ कई देश हमारे बाद आजाद हुए लेकिन विकास में हमसे कहीं आग निकल गए ऐसा क्यों हुआ। उन्होंने कहा कि हमारा देश में प्राकृतिक संसाधनों की कोई कमी नहीं है। ऐसे में पिछले 70 सालों में विकास क्यों नहीं हो पाया यह समझ नहीं आया।

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