अपने उलटे-सीधे बयानों के कारण हमेशा विवादों में रहने वाले बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने अब लखनऊ और इलाहाबाद के नाम बदलने की मांग उठाई हैं. उन्होने कहा, लखनऊ और इलाहाबाद का नाम बदलना चाहिए. उन्होंने ये मांग उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलकात के बाद उठाई हैं.

स्वामी ने ये मुलाक़ात सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद को लेकर दायर की गई याचिका के खारिज होने के बाद की हैं. इस मुलाक़ात अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की चर्चा को लेकर की गई. स्वामी ने बीजेपी नेताओं को आश्वस्त किया कि तथ्य काफी मजबूत हैं. राम मंदिर अयोध्या में ही बनेगा.

उन्होंने आगे कहा, मंदिर वहीं बनेगा जहां इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने तय किया है. यदि मुस्लिम पक्षकार सुप्रीम कोर्ट में लड़े तो उन्हें सरयू पार भी मस्जिद बनाने की जगह नहीं मिलेगी. उन्होंने यह भी कहा कि इस बारे में दबाव बढ़ाया जाए कि मुस्लिम संगठन अयोध्या, काशी व मथुरा पर दावा छोड़ दें.

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सुब्रह्मण्यम स्वामी ने भाजपा नेताओं को बताया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए मई में फिर सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे. इस पर अफसोस भी जताया कि निर्मोही अखाड़े और हिन्दू महासभा की ओर से उन्हें समर्थन नहीं मिला. उन्होंने कहा, मंदिर मामले में भले ही वे पक्षकार नहीं हैं लेकिन यह उनकी आस्था का सवाल है. इसलिए वे मई में फिर याचिका दायर करेंगे। उम्मीद है कि इस बार सुप्रीम कोर्ट में उनकी सुनवाई होगी.

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