नई दिल्ली | सोमवार से चल रहे एक विवाद का पटाक्षेप करते हुए मशहूर वकील रामजेठमलानी ने कहा है की वो केजरीवाल का केस फ्री में लड़ने के लिए तैयार है. दरअसल बीजेपी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पर आरोप लगाया है की वो अरुण जेटली मानहानि केस में सरकारी पैसे का दुरूपयोग कर रहे है क्योकि उनके वकील राम जेठमलानी की फीस दिल्ली सरकार वहन कर रही है.

इन आरोपों पर एएनआई से बात करते हुए राम जेठमलानी ने कहा की मैं सिर्फ अमीरों से पैसे लेता हूँ, गरीबो का केस फ्री में लड़ता हूँ. राम जेठमलानी ने आरोप लगाया की यह सब जेटली के इशारे पर किया जा रहा है क्योकि वो मेरे क्रॉस एग्जामिनेशन से डरते है. उन्होंने आगे स्पष्ट किया की वो फीस न मिलने की वजह से इस केस को नही छोड़ेंगे.

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उन्होंने कहा की अगर दिल्ली सरकार मुझे फीस नही देती, या केजरीवाल मुझे फीस देने में असमर्थ है तो मैं उनके लिए फ्री में केस लडूंगा. मैं उन्हें अपने गरीब क्लाइंट की तरह मानूंगा. हालाँकि अरुण जेटली के केजरीवाल पर मानहानि का केस दर्ज करने के बाद राम जेठमलानी ने घोषणा की थी की वो केजरीवाल की तरफ से यह केस लड़ेंगे और इसके लिए वो कोई फीस नही लेंगे.

लेकिन सोमवार को बीजेपी प्रवक्ता तेजेंदर बग्गा ने एक ट्वीट कर आरोप लगाया की केजरीवाल , अपना केस लड़ने के लिए राम जेठमलानी को करोडो रूपए दे रहे है. इस ट्वीट में बग्गा ने दो लैटर की तस्वीर भी शेयर की. एक लैटर राम जेठमलानी के सचिव द्वारा दिल्ली सीएम के सचिव को लिखा गया. इस पत्र में बताया गया की राम जेठमलानी को वकील के तौर पर नियुक्त करने की रीटेनरशिप फीस एक करोड़ है साथ ही कोर्ट की हर सुनवाई के लिए 22 लाख रुपए देने होंगे.

दूसरी तस्वीर में दिखाया गया पत्र दरअसल एक फाइल का कागज़ है जो मनीष सिसोदिया की तरफ से लिखा गया है. इसमें लिखा है की राम जेठमलानी की तरफ से जो भी बिल आये उनका भुगतान किया जाए और यह फाइल उपराज्यपाल के पास नही भेजी जाये. दोनों पत्र के सामने आने के बाद बीजेपी , केजरीवाल और आप पर हमलावर हो गयी है. उन्होंने केजरीवाल पर जनता के पैसे का दुरूपयोग करने का आरोप लगाया.

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