सत्ता में आए तो राजद्रोह कानून को बनाएंगे सख्त, ख्याल आते ही लोगों की रूह कांप जाए: राजनाथ सिंह

केंद्रीय ग्रहमंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में सत्ता में आने पर राजद्रोह कानून को खत्म करने के वादे पर को लेकर हमला बोलते हुए शुक्रवार को कहा कि भाजपा सरकार राजद्रोह कानून को और अधिक सख्त बनाएगी।

गुजरात में तीसरे चरण के लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार को आए केंद्रीय ग्रहमंत्री राजनाथ ने कच्छ व भावनगर में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार का बस चला तो राजद्रोह जैसा कानून और सख्त बनाया जाऐगा, ताकि कानून के इन प्रावधानों का ख्याल आते ही ऐसे लोगों की रूह कांप जाए।

उन्होंने सवाल किया, ‘कांग्रेस कह रही है कि वे राजद्रोह कानून को रद्द कर देंगे। मैं आप सभी से पूछना चाहता हूं, क्या हमें उन देशद्रोहियों को माफ कर देना चाहिए जो हमारे देश की एकता और सामाजिक तानेबाने को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं?’सिंह ने कहा, ‘यदि हमारा बस चले तो राष्ट्रद्रोह (कानून) को और कड़ा हम बनाएंगे, ताकी इस प्रोविजंस की याद आते ही लोगों की रूह कांपे… ऐसा कानून बनाएंगे’

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर राज्य के लिए अलग प्रधानमंत्री की उनकी मांग को लेकर भी हमला किया। सिंह ने कहा, ‘मैं इन नेताओं को बताना चाहता हूं कि यदि आप ऐसी मांगें जारी रखते हैं, तो हमारे पास संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए को निरस्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। हम ऐसा भारत नहीं चाहते।’

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उन्होंने कश्मीर संकट के लिए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को भी जिम्मेदार ठहराया। सिंह ने कहा, ‘यदि पंडित नेहरू ने सरदार वल्लभभाई पटेल को इस मुद्दे को संभालने के लिए पूरी ताकत दी होती, तो हमें उसी समय समाधान मिल गया होता।’

सिंह ने आरोप लगाया कि यद्यपि भारत 2007 में उपग्रह-रोधी मिसाइल बनाने में सक्षम था लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वैज्ञानिकों को ऐसा करने से रोक दिया था। सिंह ने कहा, ‘‘उस समय केवल रूस, चीन और अमेरिका के पास ही यह तकनीक थी। जब वैज्ञानिकों ने मनमोहन सिंह से हरी झंडी के लिए संपर्क किया तो उन्होंने यह कहते हुए उन्हें रोक दिया कि ऐसा कदम उन तीन देशों को नाराज करेगा। लेकिन जब वैज्ञानिकों ने मोदी से संपर्क किया तो उन्होंने आगे बढ़ने की मंजूरी दे दी।

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