केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि म्यांमार से घुसे लोग शरणार्थी नहीं बल्कि भारत के लिए खतरा हैं.

उन्होने दावा किया कि रोहिंग्याओं के मुद्दे पर म्यांमार से बात हो चूकी है. म्यांमार इन्हें वापस लेने को तैयार है. उन्होंने कहा कि ऐसे में अब किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत ने यूएन रिफ्यूजी कन्वेंशन साइन नहीं किया हुआ है.

राजनाथ ने कहा कि रोहिंग्या समुदाय के किसी भी शख्स ने शरण के लिए आवेदन नहीं किया है. राजनाथ सिंह ने कहा कि रिफ्यूजी स्टेटस पाने के लिए एक प्रोसेस होता है और इनमें से किसी ने भी प्रक्रिया को फॉलो नहीं किया. म्यांमार से भारत में घुस आए ये रोहिंग्या रिफ्यूजी नहीं हैं हमें इस बात को समझना होगा.

हाल ही में एनएचआरसी ने भारत के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले रोहिंग्या मुसलमानों को निकालने के फैसले पर सरकार को नोटिस जारी किया है. साथ ही इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है.

केंद्र ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वह खुफिया एजेंसियों द्वारा गोपनीय जानकारी के न्यायाधीशों के साथ साझा करने के लिए तैयार है, जिसमें यह सुझाव दिया गया था कि रोहिंग्या के पाकिस्तान में स्थित आतंकवादियों के साथ संबंध हैं. सर्वोच्च न्यायालय, रोहिंग्या को निष्कासित करने के केंद्र के फैसले के खिलाफ अपील पर विचार कर रहा है.

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