नागरिकता संशोधन कानून के पक्ष में रैली करने मेरठ पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) को लेकर कहा कि एनआरसी अगर आ भी जाए तो इसमें आपत्ति क्या है?

उन्होने कहा कि हालांकि अभी एनआरसी की कहीं कोई चर्चा नहीं है, फिर भी विपक्ष बेवजह यह कहकर माहौल खराब कर रहा है कि एनआरसी लाकर मुसलमानों को देश से निकाला जाएगा। ऐसे लोगों को सरकार का संदेश है कि जो भी मुसलमान देश का नागरिक है, उसे कोई चिमटे से भी छू नहीं सकता। कोई आंख उठाकर उनकी ओर देख नहीं सकता।

रक्षा मंत्री ने कहा कि हमने (पिछली सरकार में) नागरिकता संशोधन कानून बनाया था लेकिन उस दौरान यह लागू नहीं हो सका था और इस बार हमने इसे कर दिखाया। उन्होंने कहा, ”इस कानून को अब हिन्दू मुस्लिम के नजरिए से देखा जा रहा है। हमारे प्रधानमंत्री धर्म से इतर न्याय की बात करते हैं। गांधी जी ने भी कहा था कि धर्म के आधार पर विभाजन नहीं होना चाहिए। टुकड़े टुकड़े करने के नारे लगाए जा रहे हैं। सारी दुनिया भारत की ताकत स्वीकार कर रही है।”

रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यक जलालत की जिंदगी जी रहे हैं और भारत ने अपने धर्म का पालन किया है। बता दें कि रैली में निर्धारित समय से देर से आए सिंह ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि देर से आया हूं लेकिन दुरुस्त आया हूं।

सीएए पर राजनाथ बोले, महात्मा गांधी ने भी कहा था कि धर्म के आधार पर देश का विभाजन नहीं होना चाहिए। साथ ही उन्‍होंने किसी भी सूरत में जाति, पंथ और मजहब के नाम पर तनाव न पैदा होने देने की अपील की।

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