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मुंबई | बुधवार को चुनाव आयोग ने गुजरात विधानसभा चुनावो की तारीखों का एलान कर दिया. इसके साथ ही गुजरात में चुनावी बिगुल भी बज गया. हालाँकि तारीखों के एलान से पहले ही देश के दो बड़े राजनितिक दलों ने यहाँ चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी और प्रधानमंत्री मोदी लगातार गुजरात का दौरा कर रहे है. इसके अलावा मोदी सरकार के कई मंत्री और बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी गुजरात में बीजेपी का प्रचार करने में लगे हुए है.

इस तरह देश के प्रधानमंत्री और कैबिनेट मंत्रियो का एक प्रदेश के चुनाव में खुद को झोंक देना मनसे प्रमुख राज ठाकरे को पसंद नही आया. इस पर नाराजगी जताते हुए राज ठाकरे ने कहा की देश के प्रमुख को यह शोभा नही देता. न्यू एजेंसी भाषा के अनुसार राज ठाकरे ने उस गुजरात मॉडल पर भी सवाल खड़ा किया जिसको सामने रख बीजेपी ने 2014 के लोकसभा चुनावो में प्रचंड जीत हासिल की थी.

राज ठाकरे ने कहा की अगर बीजेपी ने गुजरात में अच्छा काम किया है तो राज्य में पार्टी के लिए इतनी अधिक संख्या में मंत्रियों को प्रचार करने की आवश्यकता नहीं है. एक टीवी चैनल से बात करते हुए राज ठाकरे ने उपरोक्त बाते कही. उन्होंने आगे कहा की मुझे हैरानी हो रही है कि प्रधानमंत्री समेत इतने मंत्री केवल एक राज्य में इतनी रैलियां क्यों कर रहे हैं. भले ही यह प्रधानमंत्री का गृह राज्य है, लेकिन यह अच्छा नहीं लगता कि देश का प्रमुख एक राज्य के लिए चुनाव प्रचार कर रहा है.

राज ठाकरे ने बीजेपी के फंड पर भी सवाल खड़े किये. मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए राज ठाकरे ने कहा की नोट बंदी के बाद केंद्र सरकार ने और नोट छपवाए जिससे बीजेपी को फायदा हुआ. आज बीजेपी के अलावा इतना सारा फंड किसी के पास नही है. उनसे पुछा जाना चाहिए की उनके पास इतना फंड कैसे आया? मालूम हो की हाल ही में पाटीदार आरक्षण आन्दोलन के नेता नरेन्द्र पटेल ने बीजेपी पर उन्हें एक करोड़ रूपए में खरीदने का आरोप लगाया था.

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