कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने अमेठी दौरे के दौरान बुधवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मोदी जी किसी की नहीं सुनते, जो मन में आता है उसे देश पर थोप देते हैं.

उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेठी की चुनावी रैली में प्रतिवर्ष दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया था. उनका वादा चुनावी जुमला निकला. उनकी ही पार्टी के एक जिम्मेदार नेता का टीवी पर चल रहा बयान इसे साबित कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद योजनाएं बनाते हैं और उसे लागू कर देते हैं जबकि उनकी पार्टी सत्ता में थी तो किसी भी योजना बनाने से लेकर लागू करने तक में जनता की राय लेती थी.

राहुल ने कहा, आप जीएसटी को ठीक से देखिए. जीएसटी का लक्ष्य आपने कहा कि एक देश, एक टैक्स. कांग्रेस सरकार ने कहा था कि एक टैक्स होना चाहिए और 14 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए. लेकिन केंद्र सरकार ने 28 प्रतिशत टैक्स लगा दिया. जिसकी वजह से लाखों कारोबारियों का बिजनेस बंद हो गया. उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी बढ़ रही है. देश में 30 हजार युवा प्रति घंटे रोजगार की तलाश में बाहर निकलते हैं, इनमें बमुश्किल चार सौ लोगों को रोजगार मिल पाता है.

राहुल ने इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी को सीधे चुनौती देते हुए हमला बोला. उन्‍होंने कहा, ‘अगर पीएम मोदी से सत्‍ता नहीं संभल रही हो तो वे छह महीने के लिए यह जिम्‍मेदारी मुझे दे दें.  योजनाओं को लागू कैैैैसे ि‍किया जाता है ये मैं दिखा दूंगा.’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को जनता का समय जाया नहीं करना चाहिए. उन्हें तत्काल तौर पर दो काम करने चाहिए. पहला तो किसानों के लिए मदद और दूसरा नौजवानों को रोजगार.

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि देश में किसान और रोजगार का मुद्दा सबसे बड़ा है. आप मेक इन इंडिया की बात करते हैं लेकिन सब कुछ मेड इन चाइना है. हमें ये समझना होगा कि जब तक मेड इन इंडिया नहीं तब तक विकास नहीं होगा.

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