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जौनपुर | कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी आज उत्तर प्रदेश के जौनपुर में प्रधानमंत्री मोदी पर खूब बरसे. उन्होंने मोदी पर उधोगपतियो के लिए काम करने और गरीबो के खिलाफ कदम उठाने वाला बताया. राहुल गाँधी ने मोदी से किसानो का कर्ज माफ़ करने की मांग एक बार फिर दोहराई. अपने 35 मिनट के भाषण में राहुल गाँधी ने करीब 30 मिनट केवल मोदी और नोट बंदी पर खर्च किये.

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल गाँधी ने कहा की 8 नवम्बर को प्रधानमंत्री मोदी जी ने नोट बंदी का जो फैसला किया वो भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ नही था बल्कि देश के गरीबो, मजदूरों और किसानो के खिलाफ था. नोट बंदी से मोदी जी ने गरीबो और किसानो का खून उनसे बिना पूछे ले लिया. यह देश के गरीबो के ऊपर फायरबोम्बिंग है.

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राहुल गाँधी ने आगे कहा की देश के धन का सबसे बड़ा भाग , हिंदुस्तान के 50 परिवारों के पास है. यह सब मोदी जी की वजह से है. मोदी जी इन्ही लोगो को जहाज में बैठकर , अमेरिका और चीन ले जाते है. अगर मोदी जी भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ गंभीर थे तो उन्होंने उन लोगो के नाम सदन में क्यों नही रखे जिनके स्विस बैंक में खाते है.

NPA पर बोलते हुए राहुल गाँधी ने कहा की बड़े बड़े उधोगपतियो ने 8 लाख करोड़ रूपए का लोन बैंकों से लिया हुआ है. वो इसको वापिस नही कर रहे. इनमे से 1200 करोड़ रूपए की टॉफी विजय माल्या को दे दी गयी. उसका 12 सौ करोड़ रूपए का लोन माफ़ कर दिया गया. मैंने मोदी जी से कहा की हमारे किसानो का भी कर्ज माफ़ कर दो, उन्होंने कोई जवाब नही दिया, वो एक शब्द नही बोले.

राहुल ने नोट बंदी की प्लानिंग पर कहा की लोग कहते है की आईडिया अच्छा था लेकिन प्लानिंग अच्छी नही की. मैं कहना चाहता हूँ की प्लानिंग बहुत सही थी, अगर आप उन्हें समझे तो उनका इरादा गरीबो का सारा पैसा बैंकों में लाने का ही तो प्लान था. अब वो अपने उधोगपति दोस्तों का लोन आराम से माफ़ कर सकेंगे. राहुल ने नोट बंदी के फायदे गिनाते हुए कहा की नोट बंदी से पहले बीजेपी ने देशभर में जमीने खरीदी, आतंकवादियों की जेब से नये नोट मिल रहे है, यही फायदा है नोट बंदी का.

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