मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव को लेकर 3 नवंबर को वोटिंग होनी है। लेकिन वोटिंग से 8 दिन पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, दमोह से कांग्रेस विधायक राहुल लोधी ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा को रविवार सुबह इस्तीफा सौंपा। इसके 1 घंटे बाद ही वह भाजपा में शामिल हो गए।

राहुल लोधी ने सीएम शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता ली। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि मध्य प्रदेश उपचुनाव में भाजपा सभी सीटों पर जीते। राहुल लोधी के पार्टी छोड़ने की अटकलें पहले से ही थीं।

जुलाई में राहुल लोधी के चचेरे भाई और प्रद्युम्न सिंह लोधी ने बड़ा मलहरा के विधायक पद से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था। अब वे बड़ा मलहरा से भाजपा के टिकट पर उपचुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि तब राहुल लोधी ने इन कयासों पर यह कहकर विराम लगा दिया था कि ‘प्रद्युम्न पहले भी भाजपा से जुड़े रहे थे लेकिन मैं कांग्रेस में था, हूं और रहूंगा।

लेकिन अब भाजपा में शामिल होते वक्त उन्होंने कहा, ‘क्षेत्र के विकास और दमोह में मेडिकल कॉलेज लाने के लिए कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आया हूं। कमलनाथ की 15 महीने की सरकार में उनसे अनेक बार इस संबंध में चर्चा की थी, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। छह महीने में भाजपा के विकास कार्यों से मैं प्रभावित हुआ हूं।’

कांग्रेस विधायक के इस्तीफे पर प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर ने कहा कि राहुल लोधी ने दो दिन पहले इस्तीफा दे दिया था। लेकिन, उन्हें दो दिन का समय दिया था, ताकि विधायकी छोड़ने के पहले वे अच्छे से सोच-विचार कर लें। दो दिन बाद भी उन्होंने अपना फैसला नहीं बदला।

राहुल के पार्टी छोड़ने के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर पलटवार किया है। कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा- प्रदेश पर 25 उपचुनाव थोपने वाली भाजपा अभी भी बाज नहीं आ रही है। लोकतंत्र की हत्या और सौदेबाजी का खेल लगातार जारी है। भाजपा ने चुनाव में अपनी संभावित हार को देखते हुए खरीद-फरोख्त का खेल फिर शुरू कर दिया है। राहुल सिंह लोधी से पहले कांग्रेस के 25 विधायक भाजपा में शामिल हो चुके हैं।

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