Monday, September 20, 2021

 

 

 

कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ने पर अड़े राहुल गांधी, अशोक गहलोत से मिलने से भी कर दिया मना

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लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए से करारी हार के बाद राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने पर अड़े हैं। ‘एनडीटीवी’ की एक रिपोर्ट में कहा गया कि अहमद पटेल और के.सी वेणुगोपाल से मुलाक़ात में कांग्रेस चीफ ने उन दोनों को साफ कर दिया कि वे उनका रीप्लेसमेंट खोज लें, क्योंकि अध्यक्ष पद छोड़ने को लेकर वह अपना मन बदलने नहीं वाले हैं।

जानकारी के मुताबिक, उनकी मां सोनिया और बहन प्रियंका भी उनके इस निर्णय पर राजी हों गई हैं। हालांकि, उन्होंने इससे पहले राहुल का मन बदलने का प्रयास किया था, पर वे नाकाम रहीं। इसी बीच अशोक गहलोत ने राहुल गांधी से मिलने के लिए समय मांगा तो कांग्रेस अध्यक्ष ने इनकार कर दिया। दरअसल, अशोक गहलोत ने अपने बेटे वैभव गहलोत के लिए पार्टी की अनदेखी कर चुनाव प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने राज्य के अन्य सीटों के लिए चुनाव प्रचार में अनदेखी की। हालांकि, इसके बावजूद वैभव गहलोत भाजपा उम्मीदवार गजेंद्र सिंह शेखावत से करीब 2 लाख 74 हजार वोट से हार गए।

सीडब्लूसी की बैठक में मौजूद रहे एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ”राहुल इस बात से ज्यादा नाराज थे कि कांग्रेस शासित राज्यों में पार्टी की इतनी बुरी हार हुई है। उनका कहना था कि हम इससे कहीं बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे।” इस बैठक में मौजूद पार्टी के एक अन्य नेता ने कहा, ”राहुल गांधी ने गहलोत और कमलनाथ, चिदंबरम सहित कुछ बड़े क्षेत्रीय नेताओं का नाम लिया और कहा कि इन नेताओं ने अपने बेटे और रिश्तेदारों को टिकट दिलाने के लिए जिद की और फिर इन्हें ही जिताने में लगे रहे। इस चक्कर में दूसरे स्थानों पर इन नेताओं ने पूरा ध्यान नहीं दिया। कांग्रेस अध्यक्ष ने जिन नेताओं का नाम लिया उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और वे चुप रहे।”

इस मामले में अब अशोक गहलोत की प्रतिक्रिया आई है। दिल्ली में मीडिया से बातचीत में अशोक गहलोत ने कहा, ‘राहुल गांधी जी को अधिकार है कहने का, क्योंकि वह कांग्रेस अध्यक्ष हैं। किस नेता की कहां कमी रही कैंपेन के अंदर, किस नेता की निर्णय में कहां कमी रही? यह कहने का उन्हें अधिकार है। ऐसे वक्त में जब पोस्टमार्टम हो रहा है तो स्वाभाविक है कि यह कांग्रेस प्रेसिडेंट का अधिकार है कि वह कमियां बताएंगे सबको। हम लोगों ने उस पर डिस्कशन किए हैं. जो बातें अखबारों में आती हैं, किस संदर्भ में उन्होंने कही हैं, वे संदर्भ खत्म हो जाते हैं। मीडिया में जब संदर्भ से हटकर जब बात होती है तब उसके मायने दूसरे हो जाते हैं उस पर मैं कोई कमेंट नहीं करना चाहता।’

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यहां हार की समीक्षा के लिए बुलाई गई कांग्रेस की बैठक में शामिल होने आए थे। बैठक के बाद मीडिया के सवाल पर सीएम गहलोत ने कहा, ‘पहले भी ऐसा समय आ चुका है, जिसमें हम कमजोर रहे, लेकिन बाद में पार्टी उबरी और सत्ता में भी आई।’ राहुल गांधी के इस्तीफे की पेशकश पर गहलोत ने कहा, वह बात तो वर्किंग कमेटी में सबके सामने आ चुकी है। उन्होंने पेशकश की पर पूरी वर्किंग कमेटी ने एकजुट होकर एक स्वर से उसको रिजेक्ट कर दिया। उनको कहा गया कि आपको ही कमान संभालनी है।

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