Monday, May 17, 2021

सद्दाम हुसैन और गद्दाफ़ी का नाम लेकर राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को इराक और लीबिया के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन और मुअम्मर गद्दाफी का नाम लेकर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि सद्दाम हुसैन और गद्दाफी भी चुनाव करवाते थे और उन्हें जीतते थे।

अमेरिका के ब्राउन यूनिवर्सिटी के छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव सिर्फ मतदान केन्द्रों पर जाकर ईवीएम मशीन को दबाना नहीं है। बल्कि यह कई चीजों से जुड़ा होता है जैसे कि देश की संवैधानिक संस्थाएं ठीक से काम कर रही हो, न्याय व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही हो और संसद में जरुरी मुद्दों पर बहस भी हो रहा हो। आगे राहुल गांधी ने कहा कि सद्दाम हुसैन और कर्नल गद्दाफी के राज में भी चुनाव होते थे और वो जीतते भी थे। लेकिन वहां पर लोगों के वोट को सुरक्षित करने वाली कोई संवैधानिक संस्था नहीं थी।

कांग्रेस नेता ने दो विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में स्वतंत्रता और लोकतंत्र की स्थिति की आलोचना किए जाने के संदर्भ में कहा कि देश को इन संस्थाओं से मुहर की जरूरत नहीं है, लेकिन यहां हालात इनकी कल्पना से कहीं ज्यादा खराब हैं। प्रोफेसर आशुतोष वार्ष्णेय के साथ बातचीत में राहुल ने यह दावा भी किया कि अगर कोई फेसबुक और वॉट्सऐप को नियंत्रित कर सकता है तो फिर लोकतंत्र नष्ट हो सकता है।

राहुल ने कहा कि, भारत में फेसबुक की प्रमुख बीजेपी से है।कांग्रेस की एक लड़की फेसबुक में गई तो उसकी छुट्टी कर दी गई। राहुल ने एक स्टूडेंट के सवाल के जवाब में कहा कि वह इन तमाम मुद्दों पर अपने देश में अपने स्टूडेंट के साथ चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन वह जानते हैं कि इसकी उन्हें इजाजत नहीं होगी। कोई भी यूनिवर्सिटी उन्हें बुलाकर ऐसी चर्चा या संवाद नहीं कर सकती, क्योंकि अगर किसी ने ऐसा किया तो तुरंत उस यूनिवर्सिटी के वीसी को तलब कर लिया जाएगा।

कांग्रेस नेता ने कहा, “हम भयंकर रूप से नौकरी की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। यदि यह समस्या हल नहीं हुई तो भारत उस वैश्विक स्थिति में नहीं होगा, जहां वो चीन से आने वाली चुनौतियों का सामना कर सके।” राहुल गांधी ने कहा, ”लाखों लोग गांवों से शहरों की ओर आते हैं। हमें उनके लिए कुछ करने की आवश्यकता है, उन्हें एक दृष्टि देने की आवश्यकता है। वो चाहे कृषि और विनिर्माण क्षेत्र में सुधार करके हो या सेवाओं में सुधार करके।

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