दक्षिण एशियाई देशों की पांच दिन की यात्रा के तहत मलेशिया पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर नोटबंदी को लेकर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि अगर वो देश के प्रधानमंत्री होते तो नोटबंदी के के प्रस्ताव को‘ कचरे के डिब्बे’ में फेंक देते.

शनिवार को कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय के लोगों के साथ बातचीत में जब उनसे पूछा गया था कि वह नोटबंदी को कैसे अलग तरह से लागू करते. इस पर गांधी ने कहा, ‘‘यदि मैं प्रधानमंत्री होता और कोई मुझे नोटबंदी करने के प्रस्ताव की फाइल देता तो मैं उसे कचरे के डिब्बे में, कमरे से बाहर या कबाड़खाने में फेंक देता.’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस तरह इसे (नोटबंदी) लागू करता क्योंकि मेरे हिसाब से नोटबंदी के साथ ऐसा ही किया जाना चाहिए क्योंकि यह किसी के लिए भी अच्छी नहीं है.’’ उनका इससे जुड़ा एक वीडियो कांग्रेस पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है.

राहुल गांधी ने कहा कि अगर मैं प्रधानमंत्री होता तो...
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महिला सशक्तिकरण पर एक सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए समानता ‘काफी’ नहीं है. उनका मानना है कि उनके प्रति जिस तरह का पक्षपात समाज में है उसके लिए उन्हें पुरुषों की बजाय ज्यादा मदद किए जाने की जरूरत है.

गांधी ने कहा, ‘‘मैं महिलाओं को पुरुषों के बराबर नहीं मानता, बल्कि पुरुषों से बेहतर मानता हूं. मेरा मानना है कि पश्चिमी समाज समेत सभी समाजों में (महिलाओं के प्रति) एक पक्षपाती सोच है, इस सोच को सुधारे जाने की जरूरत है और इसे ठीक करने के लिए समानता काफी नहीं है, इसके लिए आपको पक्षपाती होना होगा और जितना समर्थन पुरुषों को देते हैं, उससे ज्यादा महिलाओं को देना होगा.’’

उल्लेखनीय है कि नोटबंदी की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर 2016 को की थी. इसमें उन्होंने 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोट बंद कर दिए गए थे. जिसके बाद देश की जनता को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ा था.

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