अनुच्छेद 370 के प्रमुख प्रावधानों को हटाए जाने के बाद वहां की स्थिति का जायजा लेनेे श्रीनगर पहुंचे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली वापस भेज दिया गया। इन नेताओं को एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकलने दिया गया।

राहुल के साथ गुलाम नबी आजाद, एनसीपी नेता माजिद मेमन, सीपीआई लीडर डी. राजा के अलावा शरद यादव समेत कई दिग्गज नेता पहुंचे थे। इससे पहले राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद को इससे पहले भी दो बार वापस भेजा जा चुका है।

विपक्षी नेताओं के दल के श्रीनगर रवाना होने से पहले आजाद ने अपने घर पर मीडिया से बात की। उन्होंने सरकार के कश्मीर पर विपक्षी दलों द्वारा राजनीति करने के आरोप पर पलटवार करते हुए कहा, ‘जिनको राजनीति करनी थी उन्होंने राजनीति कर दी। राज्य के दो टुकड़े कर दिए। हम वहां जाना चाहते हैं ताकि सरकार की मदद कर सकें। विपक्षी नेता भी कानून को समझने और उसका पालन करनेवाले लोग होते हैं।’

विपक्ष के नेताओं के दौरे को कवर करने के लिए एयरपोर्ट पर जुटे मीडियाकर्मियों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की। न्यूज़ चैनल के पत्रकारों ने बताया कि मीडियाकर्मियों से बदसलूकी यह कहते हुए की गई कि यह डिफेंस एयरपोर्ट है और आप यहां रिपोर्टिंग नहीं कर सकते।

इस प्रतिनिधिमंडल के श्रीनगर जाने से पहले जम्मू-कश्मीर प्रशासन का बयान आया था कि ये नेता कश्मीर न आएं और सहयोग करें। साथ ही पुलिस सूत्रों ने भी कहा था कि विपक्षी प्रतिनिधिमंडल को श्रीनगर एयरपोर्ट से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।

प्रशासन ने ट्वीट किया था, “नेताओं के दौरे से असुविधा होगी। हम लोगों को आतंकियों से बचाने में लगे हैं। प्रशासन ने कहा कि नेता उन प्रतिबंधों का भी उल्लंघन कर रहे होंगे, जो अभी भी कई क्षेत्रों में हैं। वरिष्ठ नेताओं को समझना चाहिए कि शांति, व्यवस्था बनाए रखने और नुकसान को रोकने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।”

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