‘संविधान बचाओ’ रैली में बोले राहुल गांधी – नरेंद्र मोदी और गोडसे की सोच में कोई फर्क नहीं

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने वायनाड में संविधान बचाओ रैली को संबोधित करते हुए कहा कि नाथूराम गोडसे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विचारधारा एक ही है। दोनों की विचारधारा में कोई फर्क नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी में यह कहने की हिम्मत नहीं है कि वह गोडसे में विश्वास करते हैं।

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला बोला, ‘वह भारतीयों से भारतीय होने का सबूत मांग रहे हैं। कौन होते हैं नरेंद्र मोदी यह निर्णय लेने वाले कि मैं भारतीय हूं या नहीं?’ राहुल गांधी ने कहा कि मैं जानता हूं कि मैं एक भारतीय हूं और मुझे इसे साबित करने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि ध्यान दें कि जब भी आप नरेंद्र मोदी से बेरोजगारी और नौकरियों के बारे में पूछते हैं, तो वह अचानक ध्यान भटकाते हैं। एनआरसी और सीएए से नौकरियां नहीं मिलने जा रही है। कश्मीर की वर्तमान स्थिति और असम को जलाने से हमारे युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘दूसरे देश कह रहे हैं कि भारत ने अपना रास्ता खो दिया है। भारत एक वक्त में यह दिखाता था कि कैसे महान देश व्यवहार करते हैं। भारत में अलग-अलग संस्कृतियां हैं, धर्म हैं। सब धर्मों का एक ही मकसद है। आज  लोग कह रहे हैं भारत खुद से लड़ाई लड़ रहा है। कुलबर्गी और गौरी लंकेश जैसे विचारकों को मा’र दिया जा रहा है। महिलाओं के साथ रे’प हो रहा है। बेरोजगारी अपने उच्चतम स्तर पर है। अर्थव्यवस्था फिसलती जा रही है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘नाथूराम गोड्से और नरेंद्र मोदी दोनों की एक तरह की विचारधारा से प्रेरित हैं। इन दोनों में कोई फर्क नहीं है इसके अलावा कि नरेंद्र मोदी में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह यह मानें कि वह गोड्से को मानते हैं।’ ‘नाथूराम गोड्से ने महात्मा गांधी को मारा क्योंकि वह खुद पर विश्वास नहीं करता था, वह किसी से प्यार नहीं करता था, उसे किसी की परवाह नहीं थी, वह किसी पर विश्वास नहीं करता थी जैसा की हमारे प्रधानमंत्री कर रहे हैं, वह सिर्फ खुद से प्यार करते हैं और वह खुद पर ही विश्वास करते हैं।‘

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