नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने तमिलनाडु (Tamil Nadu) दौरे पर व्हाट्सएप्प चैट मामले में बड़ा बयान देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही ‘वह व्यक्ति हैं जिनके जरिए’ बालाकोट एयर स्ट्राइक से पहले ही उसकी जानकारी ‘रिपब्लिक टीवी’ के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को मिली। उन्होंने अपने दावे को लेकर कोई सबूत पेश नहीं दिया।

तमिलनाडु दौरे के अंतिम दिन करूर में एक रोड शो को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री समेत सिर्फ पांच लोगों को किसी सैन्य कार्रवाई के बारे में पहले से जानकारी रही होगी। कुछ दिनों पहले यह जानकारी सामने आई कि एक पत्रकार बालाकोट में एयर स्ट्राइक के बारे में पहले से जानता था। पाकिस्तान में भारतीय वायुसेना की ओर से बमबारी किए जाने के तीन दिनों पहले ही एक पत्रकार को बता दिया गया कि क्या होने जा रहा है।’

राहुल गांधी ने कहा कि इसका यह मतलब हुआ कि वायुसेना के हमारे पायलटों के जीवन को खतरे में डाला गया। उनके मुताबिक, बालाकोट एयर स्ट्राइक के बारे में सिर्फ प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह मंत्री और वायुसेना प्रमुख को जानकारी थी।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘इन लोगों के अलावा किसी अन्य को बालाकोट एयर स्टाइक से पहले इसकी जानकारी नहीं थी। अब मैं यह समझना चाहता हूं कि इसकी जांच आरंभ क्यों नहीं हुई कि बालाकोट की कार्रवाई से पहले इसकी जानकारी एक पत्रकार को किसने दी। कारण यह है कि इन पांच लोगों में से किसी ने इस व्यक्ति को बताया। इनमें से किसी ने ही हमारी वायुसेना के साथ विश्वासघात किया।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने दावा किया, ‘अगर प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं किया तो फिर वह जांच का आदेश क्यों नहीं दे रहे हैं। इस बारे में सोचिए। प्रधानमंत्री जांच का आदेश नहीं दे रहे हैं तो इसका सिर्फ एक कारण है कि वह खुद वही व्यक्ति हैं जिसके जरिए यह सूचना पत्रकार तक पहुंची।’
उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा नहीं है तो प्रधानमंत्री को जांच करानी चाहिए और यह बताना चाहिए कि सूचना किसने दी थी।