Saturday, December 4, 2021

प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी बनने के लिए तैयार हूँ: राहुल गांधी

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अमेरिका की बर्कले स्थित कैलिफोर्निया यूनिवर्सटी में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज कांग्रेस की और से 2019 की चुनाव तैयारी को लेकर अपनी रणनीति का खुलासा कर दिया है.

एक लंबे इंतजार के बाद राहुल गांधी ने साफ कर दिया कि अगर पार्टी ने उन्हें जिम्मेदारी दी तो वे अगले लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ खड़े होने के लिए तैयार हैं. यानि वे कांग्रेस की और से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हो सकते है.

इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कई सियासी तीर छोड़े. उन्होंने नोटबंदी को लेकर कहा कि ये फैसला मुख्य आर्थिक सलाहकार और संसद को बिना बताए या पूछे लिया गया था. इसकी वजह से काफी नुकसान हुआ. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, भारत के बेमिसाल संस्थागत ज्ञान को नजरअंदाज कर इस तरह का निर्णय लेना गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक था.

उन्होंने भाजपा पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत ने मानव बदलाव की वृहद प्रक्रिया की शुरुआत की है. भारत की यह पहल प्रभावी है. हमारी सफलता विश्व को प्रभावित करती है. उन्होंने चेतावनी दी कि इस रफ्तार को नफरत, नाराजगी और हिंसा खत्म कर सकती है.

उन्होंने कहा, लोगों को दलित होने के कारण मारा जा रहा है. मुस्लिमों को गौमांस खाने के संदेह पर मार दिया जाता है. यह सब भारत में नया है और इसने भारत को काफी नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि नफरत की राजनीति भारत को बांट रही है और लाखों लोगों को ऐसा महसूस होने लगा है कि अपने देश में ही उनका कोई भविष्य नहीं है. आज की आपस में जुड़ी दुनिया में यह बेहद खतरनाक है.

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारत में इस समय शीर्ष सौ कंपनियों पर ही सारा ध्यान दिया जा रहा है. उन्होंने कहा, सब कुछ उनके लिए उपलब्ध है, बैंकिंग प्रणाली पर उनका एकाधिकार है और सरकार के दरवाजे भी उनके लिए हमेशा खुले हुए हैं. उनके ही द्वारा कानून के बारे में सुझाव दिये जा रहे हैं.

उन्होंने आगे कहा कि छोटे एवं मध्यम कारोबार चला रहे उद्यमियों को ऋण लेने में मशक्कत करनी पड़ रही है. उन्हें कोई समर्थन या संरक्षण नहीं मिल पा रहा है. छोटे एवं मध्यम उद्योग भारत और विश्व के नवाचार के आधार हैं. बड़े कारोबारी भारत में अप्रत्याशित स्थिति का आसानी से सामना कर सकते हैं. वे अपनी भारी-भरकम संपत्ति और ऊंचे संपर्कों के दम पर संरक्षित हैं.

राहुल ने माना कि 2012 में कांग्रेस पार्टी में थोड़ा घमंड आ गया था और उन्होंने लोगों से बातचीत बंद कर दी थी. राहुल ने पार्टियों में चलने वाले परिवारवाद पर भी बात की. राहुल ने कहा कि ज्यादातर देश ऐसे ही काम कर रहे हैं. उन्होंने अखिलेश यादव, स्टालिन, थूमल का उदाहरण भी दिया.

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