राफेल लड़ाकू विमान सौदे में कथित भ्रष्टाचार को लेकर अब कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने सोमवार को केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) से  स्वतंत्र जांच कराने की मांग उठाई है। इससे पहले कांग्रेस ने देश के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) से मुलाकात की थी।

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि समय आ गया है, अब वित्त मंत्री अरूण जेटली और प्रधानमंत्री “झूठ बोलना बंद करें।’’ इसके साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष ने सच्चाई सामने लाने के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने पर जोर दिया है।

राहुल का ये बयान वित्त मंत्री अरुण जेटली के उस आरोप के बाद सामने आया है। जिसमे उन्होने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद के बयान के बारे में पहले से पता था। न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में जेटली ने कहा, “राहुल 30 अगस्त को ट्वीट करते हैं कि फ्रांस के अंदर कुछ बम चलने वाले हैं। ये उनको कैसे मालूम की बयान ऐसा आने वाला है?”

उन्होंने कहा, “ये जो जुगलबंदी है इस तरह की, मेरे पास कुछ सबूत नहीं हैं, लेकिन मन में प्रश्न खड़ा होता है। ओलांद के बयान और राहुल गांधी के ट्वीट योजनाबद्ध तरीके से सामने आए हैं।” “कुछ बयानों का काम विवाद खड़ा करना होता है। लेकिन इनमें से कई बयानों को तथ्य और हालात गलत सिद्ध कर देते हैं। फ्रांस सरकार और दैसो कंपनी ने गलत सिद्ध कर दिया। ओलांद ने खुद अपना बयान एक दिन में ही बदल दिया।”

कांग्रेस के आरोपों पर जेटली ने कहा, “राफेल स्कैम क्या है? भारत को हथियारों से लैस विमान मिलेंगे। राफेल जैसा जहाज कारगिल युद्ध के समय होता तो वह ऑपरेशन दो या तीन दिन में खत्म हो जाता है। यह स्कैम नहीं है। चीन के पास राफेल हैं, पाकिस्तान बनाने शुरू कर चुका है। राफेल वायुसेना की आवश्यकता है।”

बता दें कि ओलांद ने शुक्रवार को कहा था कि फ्रांस के सामने रिलायंस को स्थानीय भागीदार के रूप में चुनने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। हमें सिर्फ रिलायंस डिफेंस का नाम दिया गया था। जिसके बाद से ही मोदी सरकार और अनिल अंबानी पर सवाल उठ रहे है।

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