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बंगलोर । राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान ने देश में भूचाल ला दिया है। सभी विपक्षी दल उनके बयान को सेना का अपमान क़रार दे रहे है। हालंकि संघ ने भागवत के बयान को तोड़ मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाते हुए सफ़ाई दी है की उन्होंने सेना का अपमान नही किया। इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भागवत को नसीहत देते हुए कहा की आपको अपने बयान के लिए शर्म आनी चाहिए।

दरअसल मोहन भागवत ने छह दिवसीय मुजफ्फरपुर यात्रा के अंतिम दिन आरएसएस के स्वयं सेवकों को सम्बोधित करते हुए कहा की सेना को सैन्यकर्मियों को तैयार करने में छह-सात महीने लग जाएंगे, लेकिन संघ के स्वयंसेवकों को लेकर यह तीन दिन में तैयार हो जाएगी। भागवत ने यह बयान युद्ध होने के संदर्भ में दिया। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो देश के लिये लड़ने की खातिर आरएसएस के पास तीन दिन के भीतर ‘सेना’ तैयार करने की क्षमता है.।

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भागवत के इस बयान की राहुल गांधी ने कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा,’ यह उन लोगों का अपमान है जो देश के लिए अपनी जान दे रहे हैं। यह हमारे तिरंगे का भी अपमान है क्योंकि हमारे सैनिक इसको सैल्यूट करते हैं। सेना और शहीदों का अपमान करने पर श्री भागवत जी आपको शर्म आनी चाहिए।’ राहुल गांधी के अलावा आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी भागवत के बयान की निंदा की है।

उन्होंने कहा,’ अगर ये बयान किसी दूसरी पार्टी के नेता ने दिया होता तो भाजपाई अब तक उसे पाकिस्तान भेज देते, मीडिया तो फांसी की सज़ा की मांग कर देता, लेकिन बात भागवत की है। ‘हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वो क़त्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होती’। हालंकि संघ ने उनके बयान पर सफ़ाई देते हुए कहा की उन्होंने समाज और संघ के कार्यकर्ताओं के बीच तुलना की थी न की सैनिकों के साथ।