राबड़ी देवी ने उठाया सवाल – बीमार बच्चों को Air-Ambulance से दिल्ली क्यों नहीं ले जाते?

7:02 pm Published by:-Hindi News

बिहार: मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत का सिलसिला अब भी थमता नहीं दिख रहा है. मंगलवार को भी यहां चमकी बुखार से 5 बच्चों की मौत हो गई. इसके साथ ही अब मुजफ्फरपुर में इस बुखार से बच्चों की मौत का आंकड़ा 109 तक पहुंच गया है. वहीं पूरे बिहार में ये आंकड़ा 130 हो गया है.

इसी बीच बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला है। राबड़ी देवी ने कहा कि यह मासूम बच्‍चों की मौत नहीं बल्कि हत्‍या है. राबड़ी देवी ने कहा कि पिछले 14 साल से नीतीश कुमार शासन कर रहे हैं लेकिन उन्‍होंने चमकी बुखार रोकने के लिए कुछ नहीं किया. राबड़ी देवी ने ट्वीट कर नीतीश सरकार से पूछा है कि सरकार बताए 14 वर्ष में कितने बच्चें इनकी लापरवाही, भ्रष्टाचार और कुव्यवस्था की भेंट चढ़े है? 500 करोड़ के सुशासनी विज्ञापन देने से अच्छा होता अगर दवा और बेड का इंतज़ाम करते.

इससे पहले 18 जून को पूर्व मुख्‍यमंत्री राबड़ी देवी ने ट्वीट कर नीतीश सरकार और प्रधानमंत्री से सवाल किया था कि क्या 14 वर्ष से राज कर रहे मुख्यमंत्री की हज़ारों बच्चों की मौत पर कोई जवाबदेही नहीं? कहां है ग़रीबों के लिए 5 लाख तक के मुफ़्त इलाज की प्रधानमंत्री की आयुष्मान योजना?

आरजेडी नेता ने कहा, ‘हम इस नाज़ुक समय में राजनीति नहीं करना चाहते लेकिन गरीब बच्चों का समुचित इलाज करना सरकार का धर्म और दायित्व है. मुख्यमंत्री सदा की तरह मौन है. मुजफ्फरपुर में 40 बच्चियों के साथ बलात्कार किया गया, तब भी मौन थे. मुजफ्फरपुर में ही बीजेपी नेता द्वारा 30 मासूमों को कार से कुचला तब भी मौन और हर वर्ष की भांति फिर हजारों बच्चों की चमकी बुखार से मौत पर भी चुप.’

राबड़ी ने कहा, ‘केंद्र और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री कुतर्क गढ़ रहे हैं. एक कहता है मैं मंत्री हूं, डॉक्टर नहीं. मरते बच्चे किस्‍मत का खेल हैं और फिर उसी किस्‍मत को लात मारकर बिस्कुट खाते बेशर्मी से मैच का स्कोर पूछता है. एक प्रेस मीटिंग में ही सो रहे हैं और लीची को दोषी बताते हैं। भगवान की आपदा बताते हैं. बिहार में डबल इंजन की सरकार है। इतनी मौतों के बाद अब केंद्र और प्रदेश के मंत्री क्या नृत्य करने चार्टर प्‍लेन से मुजफ्फरपुर जा रहे हैं? जब अस्पताल के दवाखानों में दवा की जगह कफन रखे हैं, डॉक्टर नहीं हैं तो क्यों नहीं बीमार बच्चों को हवाई मार्ग से दिल्ली ले जाते?’

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