Sunday, August 1, 2021

 

 

 

नक़वी बोले – आप मोदी से डरते हैं, ओवैसी ने दिया जवाब – मैं तो सिर्फ अल्लाह से डरता हूं…..

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केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी एक टीवी डिबेट में नागरिकता संशोधित कानून और एनआरसी को लेकर तीखी बहस करते हुए दिखे।

इस दौरान ओवैसी ने कहा “आप इतने इग्नोरेंट मत बनिए , प्लीज सुनिए। आप डरते होंगे। मैं आपको बता रहा हूं।” इस पर नकवी ने कहा कि ना डरने की जरूरत है ना डराने की जरूरत है और आप लोगों को डराना बंद कर दीजिए। इसप पर ओवैसी ने कहा सर, “आप डरते होंगे मोदी से।” इसके बाद नकवी ने बीच में उन्हें टोकते हुए कहा कि “आप  भी डरते हैं।” इस पर ओवैसी ने जवाब दिया कि आप डरते हैं मोदी से मैं नहीं डरता मैं सिर्फ खुदा से डरता हूं, अल्लाह से डरता हूं। मोदी खुदा नहीं है, ना कोई डरने वाली चीज है।

नकवी ने नागरिकता संशोधन कानून पर देशभर में फैली हिंसा को लेकर कहा कि अफवाहों के जरिए अमन को अगवा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कानून किसी की नागरिकता छीनने के लिए बल्कि नागरिकता देने के लिए है। यह कानून उन तीन देशों के अल्पसंख्यकों को नागरिकता देगा जिनके साथ लगातार अन्याय हो रहा है। इस कानून के जरिए अपमान झेल रहे तीन मुल्कों के अल्पसंख्यकों को मानवीय सम्मान दिया जाएगा।

मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि देश के मुसलमानों की नागरिकता को इस कानून से कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से मोदीजी के एक भी काम को विपक्ष और ओवैसीजी ने सराहा नहीं है। जनकल्याण से जुड़ी हर योजना का इन लोगों ने विरोध ही किया है, चाहे वह महिलाओं से जुड़ा मामला हो या फिर किसानों के कल्याण से जुड़ी योजना हो।

ओवैसी ने नकवी की दलीलों पर जवाब देते हुए कहा कि सरकार कानून बना सकती है लेकिन मौलिक अधिकारों का हनन नहीं कर सकती जो इन्होंने किया है। उन्होंने कहा कि जहां भी धर्म आ जाएगा वहां बराबरी नहीं रह जाएगी। जामिया विरोध पर ओवैसी ने कहा कि वह तो अल्पसंख्यक दर्जा हासिल यूनिवर्सिटी हैं वहां जिस तरह की बर्बरता हुई उस पर मंत्री की ओर से एक बयान तक नहीं आया।

ओवैसी ने कहा कि असम में हिन्दू बंगाली को तो नागरिकता मिल जाएगी लेकिन 5 लाख मुस्लिम जिन्हें NRC में छोड़ा गया है उनके खिलाफ केस चलेंगे। ओवैसी ने कहा कि सरकार मजहब की बुनियाद पर कानून बनाकर मोहम्मद अली जिन्ना की रूह को खुशी पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शरण देने और नागरिकता देने में फर्क है और आप धर्म की बुनियाद पर नागरिकता देने जा रहे हैं यह संविधान के खिलाफ है। अगर देना चाहते हैं तो दीर्घकालिक वीजा दीजिए। ओवैसी ने कहा कि सरकार कहती है कि देश में 1.26 लाख विदेश हैं लेकिन 6 साल में सरकार सिर्फ 6 विदेशियों को वापस भेज पाई है।

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