JNU हिंसा: घायल छात्रों से मिलकर बोली प्रियंका गांधी – मोदी और शाह के ‘गुंडे’ छात्रों में डर फैला कर रहे

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई हिंसा पर कांग्रेस ने सीधे तौर पर बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ‘‘हमारे देश को नियंत्रित कर रही फासीवादी ताकतें’’ बहादुर बच्चों की आवाज से डरती हैं। राहुल गांधी ने कहा -”नकाबपोश उपद्रवियों द्वारा जेएनयू के छात्रों-शिक्षकों पर हमला स्तब्ध करने वाला है। इस हमले में कई छात्र-शिक्षक घायल हो गए हैं।

वहीं प्रियंका गांधी ने कैंपस में हुई हिंसा में घायल छात्रों से एम्स में मुलाकात कर आरोप लगाया कि यह किसी सरकार के बारे में बेहद ही शर्मनाक है कि उसने अपने ही बच्चों पर हिंसा होने दी। कांग्रेस महासचिव ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के ‘गुंडे’ विश्वविद्यालयों के परिसर में उपद्रव कर रहे हैं और छात्रों के बीच डर फैला कर रहे हैं।

कांग्रेस नेता ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर मीडिया के सामने यह ‘ढोंग’ करने का आरोप लगाया कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में ‘हिंसा करने वाले गुंडे’ उनके नहीं थे। प्रियंका गांधी ने दावा किया कि AIIMS के घायल छात्रों ने उन्हें बताया कि गुंडे परिसर के अंदर घुसे और डंडों एवं अन्य हथियारों से उन पर हमला करने लगे जिससे कई छात्रों के हाथ-पैर टूट गए और कई को सिर पर चोट आई है। कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि एक छात्र ने उन्हें बताया कि पुलिस ने कई बार उसके सिर पर लात मारी।

प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘किसी सरकार के लिए यह सचमुच बहुत शर्मनाक है जो अपने ही बच्चों पर हिंसा की अनुमति देती है और उसे बढ़ावा देती है।’ जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में रविवार रात को हिंसा भड़क गयी जब लाठियों से लैस कुछ नकाबपोश लोगों ने छात्रों तथा शिक्षकों पर हमला किया, परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जिसके बाद प्रशासन को पुलिस को बुलाना पड़ा। हिंसा में जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आईशी घोष समेत कम से 28 लोग घायल हो गए जिन्हें एम्स में भर्ती कराया गया।

कांग्रेस महासचिव ने ट्वीट किया, ‘भारत ने उदार लोकतंत्र के तौर पर वैश्विक प्रतिष्ठा बनाई थी। अब मोदी-शाह के गुंडे हमारे विश्वविद्यालयों में उपद्रव कर रहे हैं, हमारे बच्चों में भय फैला रहें हैं जिन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार किया जाना चाहिए। इस सबके बावजूद भारतीय जनता पार्टी के नेता पूरी मीडिया में दिखा रहे हैं कि ये उनके गुंडे नहीं थे जिन्होंने हिंसा की। लोगों को बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता।’

बता दें कि जेएनयू में रविवार रात हिंसा भड़क उठी थी जब डंडों से लैस नकाबपोश लोगों ने छात्रों एवं शिक्षकों पर हमला किया और परिसर की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, जिसके चलते प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आईशी घोष समेत कम से कम 18 लोग घायल हो गए।

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