कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद ने शुक्रवार को संकेत दिया कि वह पार्टी में मुद्दों पर विधानसभा चुनाव के पूरा होने तक इंतजार कर सकते हैं। पार्टी पहले ही जून में कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव टाल चुकी है।

आजाद ने कहा कि अब चुनाव में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करना “प्राथमिकता” है और उन्होंने कहा कि वह और उनके सहयोगी जहां भी बुलाए जाएंगे, प्रचार करेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या उनके जैसे वरिष्ठ नेता को निमंत्रण की आवश्यकता है, उन्होंने कहा कि वह आम तौर पर प्रचार करते हैं जब उम्मीदवार उन्हें आमंत्रित करते हैं। आजाद ने मीडिया से कहा, “हम जहां भी बुलाए जाएंगे हम पार्टी और उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे।”

गुलाम नबी आजाद जी-23 के अहम सदस्य हैं। पिछले साल बिहार में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जी-23 के नेताओं ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर कांग्रेस के पूर्णकालिक अध्यक्ष और संगठन के चुनाव कराने को लेकर की मांग उठाई थी।

पिछले महीने जम्मू में एक सभा में, आजाद ने और कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं ने एक बैठक की थी, आज़ाद के बयान ने कई लोगों को हैरान कर दिया था। जिसमे आजाद ने कहा, ‘मुझे कई नेताओं के बारे में बहुत सारी बातें पसंद हैं। मैं एक गांव से हूं और मुझे इस पर गर्व है। यहां तक ​​कि हमारे पीएम (नरेंद्र मोदी) भी एक गांव से हैं और चाय बेचते थे। हम राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं लेकिन मैं उनकी सराहना करता हूं।’

गौरतलब है कि पांच राज्यों में मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने हैं। वहीँ कांग्रेस पार्टी में प्रचार में बुलाने के दो तरीके होते हैं। पहला ये कि पार्टी स्टार कैंपेनर के तौर प्रचार के लिए बुलाती है। इसके लिए पार्टी स्टार कैंपेनर्स की लिस्ट जारी करती है। दूसरा तरीका ये है कि उम्मीदवार भी प्रचार के लिए पार्टी के नेताओं को बुलाते हैं।