मोदी सरकार का आर्थिक सर्वेक्षण 2017 पेश किए जाने से पहले कांग्रेस ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मोदी सरकार की खामियों को उजागर किया. इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि भारतीय अर्थव्यस्था अच्छी स्थिति में नहीं है.

वहीँ माल्या के मामले पर पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और मंत्रियों को विभिन्न उद्योग के मालिकों की चिट्ठी मिलती है, जो कि संबंधित अथॉरिटी को आगे बढ़ा दी जाती है जो भी हमने किया वह नियम के विरुद्ध नहीं था. उन्होंने कहा कि मैंने जो किया वह नियमित प्रक्रिया का हिस्सा था, जिस चिट्ठी की बात की जा रही है, वह एक सामान्य चिट्ठी थी.

इसी के साथ उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की हालत अच्छी नहीं है और इस संबंध में तत्काल कदम उठाने की जरुरत है. उन्होंने कहा, भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार मंदी की ओर बढ रही है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अर्थव्यवस्था की विकास दर का अनुमान 7.9 प्रतिशत जताया है. इसके साथ ही अन्य अंतरराष्ट्रीय साख निर्धारण संस्था ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर को नकारात्मक बताया है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

उन्होंने कहा कि इस समय यह सोचने की जरूरत है कि अर्थव्यवस्था किस दिशा में जा रही है और इसे विकास के पथ पर लाने के लिए क्या क्या कदम उठाए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को विकास के रास्ते पर लाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की जरूरत है. इस रिपोर्ट को कांग्रेस के राज्यसभा सांसद राजीव गौड़ा ने तैयार किया है.

इस मौके पर पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि कहा कि मौजूदा सरकार के ढ़ाई वर्ष के कार्यकाल में रोजगार के अवसर घटे हैं. निजी पूंजी का निवेश नहीं हो रहा है. आधारभूत ढ़ांचा क्षेत्र में निवेश घट रहा है. सरकार प्रतिदिन 30 किमी सड़क बनाने का दावा कर रही है, पर हकीकत में यह छह किमी है. सरकार बुलेट ट्रेन की बात कर रही है, पर रेल के पटरी से उतरने की घटनाएं बढ़ी हैं.

Loading...