विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रोहिंग्या मुसलमानों के मामले पर बांग्लादेश के समर्थन का ऐलान किया है, साथ ही इस मुद्दे पर हर मुमकिन मदद देने का भी भरोसा दिया है.

सुषमा स्वराज ने कहा कि रोहिंग्या मुस्लिम अकेले बांग्लादेश की समस्या नहीं हैं. उन्होंने कहा, “हम म्यांमार पर बाइलेटरल और मल्टीलेटरल चैनल्स के जरिए दबाव बना रहे हैं कि वे रोहिंग्या लोगों का निष्कासन बंद करें और बांग्लादेश में शरण लिए हुए लोगों को वापस बुलाएं.”

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इस सबंध में उन्होंने गुरुवार रात बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बातचीत की. बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की मीडिया सचिव नजरुल इस्लाम ने कहा है भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने फोन पर बात कर इस रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे पर पूरी मदद करने की बात कही है.

सुषमा स्वराज ने शेख हसीना से कहा कि रोहिंग्या समस्या सिर्फ बांग्लादेश की नहीं है यह समस्या अब क्षेत्रीय से बढ़कर ग्लोबल हो चुकी है. शेख हसीना ने कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों को बांग्लादेश में सिर्फ मानवीय आधार पर शरण दे रखी है. म्यांमार को चाहिए कि वह इन्हें अपने नागरिक के तौर पर देखे.

उन्होंने कहा, मारी सरकार ने शरणार्थियों के लिए अस्थायी इंतजाम की खातिर जमीन आवंटित कर दी है, लेकिन वे लंबे समय तक रहते हैं तो इससे बड़ी समस्या पैदा होगी. बता दें कि रोहिंग्या समस्या को लेकर भारत ने बांग्लादेश में अपनी एक ह्यूमनटेरियन टीम भेजी.

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